एक मां की चुप्पी को उसकी कमजोरी मत समझना – स्वाती जैंन

दरवाजे की बेल बजी वैसे ही तान्या बोली -लो आ गई तुम्हारी मां पार्क से , आज ऐसी डांट लगाना रोहित कि तुम्हारी मां पार्क जाना ही भूल जाए !! रोहित ने दरवाजा खोला और यशोदा जी से बोला – मां यह बार – बार पार्क घूमने क्यों चली जाती हो ?? घर में कितने … Read more

आखिर कब तक? – परमा दत्त झा

गोविंद सिर झुकाकर बैठा था जबकि मां बहन भाई सभी सबाल की बौछार कर रहे थे। खासकर छोटे भाई की पत्नी (बहुरिया)का रोकर बुरा हाल था। हुआ यह कि छोटी बहन रानी का विवाह एक एन आर आई लड़के से ठीक किया।लड़का स्वजातीय है और अमेरिका की किसी प्रतिष्ठित कंपनी में काम करता है। करीब … Read more

ज़हर का घूंट पीना। – लक्ष्मी त्यागी

सुबह की हल्की धूप आंगन में बिखरी थी, चिड़ियाँ आंगन में पेड़ों पर चहचहा रही थीं किन्तु राधा पर तो जैसे इस वातावरण का कोई असर नहीं था। राधा चुपचाप तुलसी के पौधे में जल चढ़ा रही थी उसकी आँखों में न तो आँसू थे, न ही कोई चमक — बस एक गहरी खामोशी थी, … Read more

तुम दोनों से तो मैं गौरवान्वित हूं बेटा – मंजू ओमर

मामा जी ये देखिए मेरा रिपोर्ट कार्ड,मैं क्लास मैं फर्स्ट पोजीशन पर आई हूं । मामा (प्रमोद)जी कुछ बोलते इससे पहले ही वहां मामी आ गई। अच्छा अच्छा ठीक है यहां रिपोर्ट कार्ड लेकर आ गई दिखाने के लिए मेरे बेटे के कम नंबर आए हैं इस लिए ।अब छोड़ो पढ़ाई लिखाई घर के काम … Read more

कड़वी हवा – रवीन्द्र कान्त त्यागी

पूरा हॉल तम्बाकू के कसैले धुंए और अल्कोहल की मिली जुली दमघोंटू महक से भरा हुआ था. निऑन लाइटों के रंगीन प्रकाश बिंदु इधर से उधर उछल रहे थे. कर्णभेदी संगीत की धुनों पर कई जोड़े लिपटकर ऐसे नाच रहे थे जैसे दुनिया में मुहब्बत की परिभाषा इन्ही से शुरू होकर इन्ही पर समाप्त होती … Read more

जो मायके की ना हुई वह ससुराल वालों की क्या होगी – स्वाती जैंन

भाभी , कितनी चालाकी से फंसाया होगा ना आपने मेरे भैया को तभी तो भैया ने पुरे परिवार के खिलाफ जाकर आपसे शादी की हैं , यह मेंहदी , यह लिपस्टिक , यह चेहरे पर इतनी सारी लिपापोती यही सब करके मेरे भाई को अपने वश में कर लिया होगा ना , सिम्मी अपनी नई … Read more

मॉं को बच्चों का साथ चाहिए। – अर्चना खण्डेलवाल

मां, मैंने आपके लिए वो सुन्दर सा शॉल भिजवाया था, आप जब नीचे घूमने जाओं तो यही पहनकर जाना, वसु अपनी मां हेमलता जी से कहने लगी, और हां मां मैंने जो आपके लिए स्वेटर भिजवाया है उसे भी पहन लेना, छोटी बेटी कनु भी बोली। इतने में सबसे बड़ा बेटा यश बोला कि मैंने … Read more

लक्ष्मी पूजन क्यों – संध्या त्रिपाठी

    बेटा पीहू , तू फटाफट रंगोली वगैरह बनाकर घर को सजा ले मैं पूजा की तैयारी करती हूं …और प्रियांश तू भी दीदी का साथ देना..! बाप रे ये दीपावली के दिन भी ना कितना काम हो जाता है …व्यस्तता के बीच निधि ने दीया ठीक से जमा कर रखते हुए कहा ।           मम्मी , … Read more

मुझे भी जीना है केवल सांसें नहीं लेनी हैं – डॉ बीना कुण्डलिया

रंजना ओ रंजना रंजना कहां हो । पति बृजेश ने जैसे ही आवाज लगाई, पति की चिल्लाती हुई आवाज सुनकर रंजना जो रसोईघर में नाश्ते, उनके ऑफिस के लिए लंच की तैयारी कर रही दौड़ती हुई आई बोली क्या हुआ ? आप इतने गुस्से में क्यों चिल्ला रहे हैं ? पति बृजेश तो जैसे नाक … Read more

देहाती लोग कभी नहीं सुधरेंगे !! – स्वाती जैंन

सुनीता बोली सच गाँव के लोगो को शहर के कितने भी तौर – तरीके सीखा लो मगर वे गाँव वाली हरकतें ही करेंगे !! यह सुनकर रुक्मणि जी का दिल एक बार फिर टूट गया , कितनी उम्मीदे लेकर गाँव से आए थे रमाकांत जी और रूक्मणि जी मगर सुनीता दोनों को कुछ भी सुनाने … Read more

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