आँगन का गुलमोहर
“बाबा, आप बिल्कुल मत घबराइए। मैं अभी के अभी वहाँ के लिए निकल रही हूँ। किसी की हिम्मत नहीं है जो हमारी नंदिनी को हाथ भी लगा सके। आप बस हौसला रखिए,” राधिका ने दृढ़ स्वर में कहा। उसने तुरंत ऑफिस से छुट्टी ली, अपनी कार निकाली और मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे होते हुए सातारा की ओर … Read more