दूसरी माँ – मुकेश पटेल
“दीदी, एक बात पूछूं? आप बुरा तो नहीं मानेंगी ना? मैं पिछले छह महीने से आपके यहाँ काम कर रही हूँ, घर का कोना-कोना चमक जाता है, लेकिन आपका चेहरा कभी नहीं चमकता। मैंने आपको कभी खुलकर हंसते हुए नहीं देखा। आपकी आँखों में हमेशा एक ऐसा सन्नाटा क्यों रहता है जैसे कोई बहुत बड़ा … Read more