अनकहा दर्द और एक अधूरी सौगात
मैंने जैसे ही उस डिब्बे को खोला, मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई। उसमें एक बहुत ही खूबसूरत और पुरानी चांदी की पायल रखी थी और साथ में एक मुड़ा हुआ कागज था। मेरे हाथ कांपने लगे। मैंने उस कागज को खोला। वह एक चिट्ठी थी, जिसकी लिखावट कई जगह से आंसुओं की वजह से … Read more