दोहरे मापदंड
रास्ते भर सुमन का दिमाग उबलता रहा। उसे याद आया कि कल रात जब उसने राकेश से कहा था कि ‘आज बर्तन तुम धो दो, मेरी कमर दुख रही है’, तो राकेश ने साफ़ मना कर दिया था। “मैं मर्द हूँ सुमन, ये औरतों वाले काम मुझसे नहीं होते,” यह कहकर वह टीवी देखने बैठ … Read more