रिश्तों की कीमत – करुणा मलिक

प्रकाश के पापा, मुझे लगता है कि वसीयत लिखकर वकील के पास रखने में ही ठीक रहेगा वरना प्रभात की बहू हमारे मरते ही तुरंत घर- जमीन के दो टुकड़े करवा देगी और औने-पौने दाम में बिकवा कर चलती बनेगी।  हाँ, कह तो तुम ठीक रही हो पर क्या दोनों बेटियाँ अपना हिस्सा लेंगी? वे  … Read more

रिश्तों की कीमत – डाॅ संजु झा

रिश्तों की कीमत व्यक्ति को कब,किस रूप में चुकानी पड़ जाऍं, कोई नहीं बता सकता है? मैं सीमा अपने व्यस्त जीवन में  उलझी हुई आज फिर  काॅलेज के लिए लेट हो गई।काॅलेज में गाड़ी से उतरते हुए मैं जल्दी -जल्दी अपने क्लास रूम की ओर बढ़ रही थी,तभी मेरी नजर अचानक से एक लड़की पर … Read more

रिश्तों की अहमियत – मंजू ओमर 

बहु यह तूने कैसी चाय बनाई है ना मीठी है ना कोई स्वाद है।  फीकी फीकी अदरक भी नहीं डालती । कल्याणी जी ने बहु रजनी को टोका ,क्या हुआ मां जी ठीक तो बनी है चाय डाइनिंग टेबल पर बैठे हुए बेटा सुरेंद्र बोला। हां तू तो बीवी का ही पक्ष लेगा । नहीं … Read more

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