औकात बदल गई – गीता वाधवानी : Moral stories in hindi

कॉलेज में पहुंचते ही अमन कीआंखें निशा को खोजने लगती थीं। दोनों का कॉलेज का आखरी साल था। निशा शहर के प्रसिद्ध डॉक्टर अमरीशकी बेटी थी। जिनका खुद का एक बहुत बड़ा अस्पताल था। निशा को पैसेकी कोई कदर न थी और ना ही पढ़ाई-लिखाई में कोई रुचि। सिर्फ एक डिग्री प्राप्त करना उसका मकसद … Read more

घर की इज्जत – सविता गोयल : Moral stories in hindi

मिनाक्षी की शादी एक सम्पन्न परिवार में हुई थी। किसी चीज की कोई कमी नहीं थी ससुराल में| शहर में बहुत इज्जत और नाम था उसके ससुर जी का| घर में एक जेठ-जेठानी और एक कुंवारा देवर था जो बाहर पढ़ता था| मिनाक्षी की जेठानी बहुत ही सीधी-साधी सी थी, बस अपने काम से मतलब … Read more

औकात दिख गई – रोनिता कुंडु : Moral stories in hindi

अरे जीजी… अच्छा हुआ तुम सभी आ गए… अब मैं बहू को इस शादी की जिम्मेदारी देकर निश्चित हो पाऊंगी… मैं बता नहीं सकती जीजी… मुझे कितनी शांति मिली, तुम सबके आ जाने से… माया जी ने अपनी बड़ी बहन शोभा के परिवार से कहा…  माया जी की बेटी गौरी की शादी थी… जिसमें उनकी … Read more

रॉन्ग नंबर – संध्या त्रिपाठी : Moral stories in hindi

    अरे ये काम के बीच में किसका फोन आ गया….?? अभी सवेरे सवेरे किसको इतनी फुर्सत भी होती है जो टाइम बेटाइम फोन करते रहते हैं…! अननोन नंबर का कॉल देखकर कावेरी को लगा …कमल ने फिर कुछ ऑनलाइन मंगाया होगा.. वे लोग ही डिलीवरी से पहले कॉल करते हैं…।       अनमने ढंग से फोन उठाकर … Read more

मुट्ठी में चांद –  बालेश्वर गुप्ता: Moral stories in hindi

बाबू सरकार हमारी न हिम्मत है और न औकात जो आपकी तरफ देख भी सके।मेरी बिटिया को माफ कर दो सरकार,हम यहां से कही भी दूर चले जायेंगे।बाबू सरकार — हमे –माफ –कर दो।        जमीदार विक्रम के यहां बचपन से ही रामू उनकी हवेली पर ही काम करता था।पहले बचपन मे अपने पिता के साथ … Read more

बंद करो अपना नाटक – हिमांशु  जैन’मीत’ : Moral stories in hindi

इस प्रमोशन के लिए तुम्हें बहुत बधाई हो रेवती। पूरा हाल तालिया की गड़गड़ाहट से गूंज उठा ।रेवती ने मुस्कुराकर सब की बधाइयों का जवाब दिया। लेकिन आने वाले कार्यभार से की चिंता से अपने आप सराबोर पाया। अपना काम निपटाकर ऑफिस से जब घर पहुंची तो देखा सारा घर ठीक वैसा ही है जैसा … Read more

लो चली मैं – गीता वाधवानी : Moral stories in hindi

लो चली मैं अपने देवर की बारात——गाने पर आरती ने अपने देवर की शादी में इतना अच्छा डांस किया कि सब तारीफ करते थक नहीं रहे थे।     आरतीकी शादी आयुष से हुई थी। उनकी शादी को लगभग सात वर्ष हो चुके थे। घर में सासू मां कविता देवी, ससुर जी किशनलाल, एक देवर गौरव और … Read more

औकात नहीं भूला…रश्मि झा मिश्रा : Moral stories in hindi

वह शायद भिखारी ही था… एक पैर से लंगड़ा… अपनी बैसाखी टेकता… स्टेशन पर खड़ी गाड़ियों के पास हाथ फैला रहा था… कभी एक-दो खिड़कियों पर कुछ मिल भी जाता… कभी सिक्का.… कभी रोटी… कभी सड़े गले फल… सबको झोलियों में डालता हुआ फिर दूसरी खिड़की के पास पहुंच जाता था… कुछ सभ्य लोग मुंह … Read more

वक्त – बीना शर्मा : Moral stories in hindi

जब डॉक्टर अनुराग ने मनीष को बताया कि उसकी पत्नी मनीषा बस कुछ दिनों की मेहमान है तो वह अनुराग के सामने फूट-फूट कर रोते हुए हाथ जोड़कर बोला” डॉक्टर साहब किसी भी तरह कोशिश करके मेरी पत्नी को बचा लीजिए मैं उसके बगैर जिंदा नहीं रह पाऊंगा”मनीष की बात सुनकर अनुराग को उस पर … Read more

गर्म चाय की प्याली – डा. पारुल अग्रवाल  : Moral stories in hindi

तृप्ति कई दिनों से बहुत अनमनी सी थी। उसको सब कुछ नीरस और बोझिल सा प्रतीत होता था। उसे हरपल ऐसा लगता कि वो कि अब ज़िंदगी में कुछ नहीं बचा है। बच्चे बड़े हो गए हैं अब उनको भी उसकी ज़रूरत नहीं है पति भी अपनी नौकरी में व्यस्त हैं और वो खुद नौकरी … Read more

error: Content is protected !!