रिक्त स्थान (भाग 27) – गरिमा जैन

आखिर वह पल आ गया जिस पल का इंतजार हर प्रेमी युगल करता है ।प्यार के वह पल जब दोनों एक दूसरे से दिल की बात कर सके ,मन से जैसे एक बोझ उतर जाता है। विवाह का पवित्र बंधन प्रेम का साक्ष्य प्रतीक बन जाता है ।जीतेंद्र रेखा से कहता है ” रेखा आज … Read more

रिक्त स्थान (भाग 26) – गरिमा जैन

जिंदगी से काले बादल धीरे-धीरे छटने लगे हैं आज रेखा और जितेंद्र विवाह के पवित्र बंधन में बंध जाएंगे। रेखा के चेहरे पर नूर है ऐसा नूर जो सच्चे प्यार से ही चेहरे पर आता है ।मुस्कुराहट उसके चेहरे से हटती ही नहीं। रेखा की मां सारे इंतजाम देखने में व्यस्त है ।इतने बड़े घराने … Read more

पुनर्मिलन (भाग 2) – डॉ. पारुल अग्रवाल : Moral stories in hindi

moral stories in hindi : ये सब उसका दिल दुखा जाता। जब पानी सर से ऊपर जाने लगा तब उसने अपने पति से इस बारें में बात की। पति से भी बात उसने बहुत संभलकर की क्योंकि कोई भी बेटा अपनी मां के खिलाफ़ कुछ नहीं सुन सकता। जब उसने अपनी समस्या पति के सामने … Read more

पुनर्मिलन (भाग 1) – डॉ. पारुल अग्रवाल : Moral stories in hindi

moral stories in hindi : आज सिया ऑफिस से घर पहुंची ही थी तो देखा उसके पतिदेव निशांत उसके आने से पहले ही घर आ चुके थे। हमेशा तो वो उसके आने के बाद ही घर आते थे। सिया को निशांत के घर पर देखकर बहुत अच्छा लगा पर उसके चेहरे पर परेशानी के भाव … Read more

पत्नी के लिए एहसान कैसा … – रश्मि प्रकाश  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : ‘‘अरे अरे तुम ये क्या बोल रही हो?? ….क्या एहसान किया तुम पर ?….ये कोई एहसान नहीं है ….अपनों का एहसान कैसा यह तो मेरा फर्ज था….तुम्हारे लिए भी नहीं करूंगा तो किसके लिए करूंगा?‘‘ कहते हुए सोहम ने रोशनी को अपनी बाहों में समेट लिया। रोशनी सोहम को  एक … Read more

खानदान की नाक – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : राशि ने रो रो कर पूरा घर सिर पर उठा रखा था। वह 12वीं के बाद आगे पढ़ना चाहती थी। वह पढ़ाई और खेलकूद में हमेशा फर्स्ट आती थी। 12वीं में भी उसके 98% नंबर आए थे।  राशि का परिवार एक गांव में रहता था। उसका भाई अविनाश भी पढ़ने … Read more

खानदान – करूणा मलिक  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : निशा , कल आलोकजी अपनी पत्नी के साथ हमारी वंशु से मिलने आ रहे हैं । प्रदीप, आपने अच्छी तरह देख लिया है ना ? वंशु अपने मुँह से कुछ नहीं कहेगी पर आजकल के बच्चों की ख़्वाहिशें  तो ,आप जानते हैं। भाभी तो सब कुछ ठीक ही बता रही … Read more

खानदान पर कलंक मैं नहीं आप हो भैया !! (भाग 4) : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : रमेश की जिद के आगे हमने घुटने टेक दिए  और रीमा शादी करके यहां दुल्हन बनकर आ गई , उस दिन से यह घर हमारा कम और रीमा के माता पिता , भाई – बहन का ज्यादा हो गया , आए दिन वे लोग यहां रहने चले आते !! रीमा … Read more

खानदान पर कलंक मैं नहीं आप हो भैया !! (भाग 3) : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : बनवारी काका की आंखों के सामने पली बढी प्रिया पर बनवारी काका को पहले से ही खुब विश्वास था !! वे बोले बेटा , तेरे भाई भाभी के राज में तेरी मां की हालत दयनीय हो गई हैं , अच्छा हुआ जो तु आ गई , शायद अब तेरी मां … Read more

खानदान पर कलंक मैं नहीं आप हो भैया !! (भाग 2) : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : यहां प्रिया भी राज से मिलने के लिए बेकरार थी !! एक दिन रमेश के घर पर ना होने पर प्रिया घर से अपनी सहेली का बहाना बनाकर राज से मिलने पहुंची और बोली राज मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकती , हमें भागकर शादी करनी होगी वर्ना मेरे घरवाले … Read more

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