अहंकार एक पति का – डॉ पारुल अग्रवाल
कमरे के भीतर से कांच के टूटने की एक तेज और कर्कश आवाज़ आई, जिसके बाद सन्नाटा छा गया। वह सन्नाटा जो शोर से भी ज्यादा डरावना होता है। बाहर बरामदे में बैठे रिटायर्ड प्रोफेसर दीनानाथ जी के हाथ से अखबार गिर गया। उनकी पत्नी, सुमति देवी, जो तुलसी में जल चढ़ा रही थीं, उनका … Read more