कुछ रिश्ते खून के रिश्तों से बड़े होते हैं – प्रतिभा भारद्वाज ‘प्रभा’
आज 5 दिन बाद अस्पताल से विनय बाबू को छुट्टी मिलने वाली थी…इन दिनों में उनके साथ लगातार उनकी पत्नी सरला जी ही रहीं वरना कुछ परिचित लोग तो औपचारिकतावश उनसे मिलने आते और हालचाल पूछकर चले जाते। अस्पताल भी घर से दूर था तो कामवाली से भी किसी मदद की उम्मीद नहीं थी अतः … Read more