खिलाफ… – रश्मि झा मिश्रा : Moral stories in hindi

शीला ने सधे शब्दों में पूछा…” उम्र क्या है तुम्हारी..?” “… जी आंटी.. 17 साल..!” रिशु लगभग मिमियाता हुआ बोला..  “…और निशी तुम्हारी.. 15 है ना.. हां तो क्या तुम लोगों को अभी शादी करनी है…!” ” नहीं मां ऐसा नहीं है…!”  “फिर क्या है… क्या चाहते हो.. ऐसे तो पढ़ाई लिखाई.. घर परिवार.. कुछ … Read more

“एक नारी सब पर भारी” – सुषमा यादव : Moral stories in hindi

*स्त्री चाह ले यदि तो वह क्या नहीं कर सकती।अबला ना समझो उसे शक्ति का एक रुप वह भी है। इस उक्ति को चरितार्थ करती एक ऐसी ही गांव की महिला की कहानी।* करोना के बाद मेरे एक करीबी परिचित रमेश की नौकरी छूट गई थी। अब वह अपने परिवार के साथ गांव में ही … Read more

बस…अब और नहीं – विभा गुप्ता : Moral stories in hindi

    ” अनिरुद्ध ….तेरा दिमाग तो ठीक है….बेटी को क्या उम्र भर यहीं बिठायेगा…समाज- बिरादरी वाले क्या कहेंगे…तू अभी के अभी सलोनी को उसके ससुराल भेज दे..।” रामराजी देवी अपने बेटे पर चिल्लाई।    ” बस माँ….अब और नहीं…सलोनी अब कहीं नहीं जायेगी।” अनिरुद्ध चीखते हुए बोले।       अनिरुद्ध और अनिता की इकलौती संतान थी सलोनी।विवाह के सात … Read more

खिलाफ – वीणा सिंह : Moral stories in hindi

आज की मेरी कहानी की मुख्य पात्र हैं मंगला जायसवाल! अठारह साल की उम्र में जो गांव के लिहाज से ज्यादा हीं था, शादी हो गई.. थोड़ा बहुत पढ़ना लिखना सीख गई थी.. रंग रूप देने में भगवान ने पूरी उदारता दिखाई थी.. ससुराल में बूढ़े सास ससुर दो देवर एक ननद और बेहद सीधा … Read more

खिलाफ – पूजा शर्मा: Moral stories in hindi

एक हफ्ता हो गया था बाप बेटे के बीच शीत युद्ध छिढ़ा हुआ था बातचीत ना के बराबर थी और सुनीता बिचारी वह तो बीच में पिस रही थी। जिसे भी समझाने की कोशिश करती वही उसके खिलाफ हो जाता। घर का माहौल तनाव पूर्ण हो गया था। सुनीता का मन हो रहा था सब … Read more

चालबाज ननदोई – माधुरी गुप्ता : Moral stories in hindi

मनीषा आज बहुत खुश थी,उसकी बेटी सरिता का रिश्ता जो तय होगया था वह भी ऐसे लड़के से जो बिना दान दहेज के सरिता से व्याह करने को तैयार था।सरिता केहोने वाले पति वीरेन व उससी मां ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आप सिर्फ चार कपडों में अपनी बेटी व्याह दें। हमें कोई तामझाम … Read more

अपनी बेटी शासन चलाएं, दूसरों की बेटी दासी बन जाए – रोनिता कुंडु : Moral stories in hindi

राधिका पूरे घर में भाग भाग कर काम कर रही थी… आज घर में जागरण था तो उसी में राधिका पूरी व्यस्त थी… उसकी सास तारा जी के घुटनों में दर्द रहता था इसलिए वह ज्यादा भाग दौड़ नहीं कर सकती और ननद मायरा जो की बस रिल्स और वीडियो बनाने में ही व्यस्त रहती … Read more

ज़िंदगी हमारी है तो जीने का सलीका भी हमारा होना चाहिए – निशा जैन  : Moral stories in hindi

ये शालिनी जी का पार्सल है, कहां मिलेंगी वो? अरे वो जो सामने बैठी है ना, वो जो मोटी सी बैठी है पिंक कलर के सूट में, वही है शालिनी जी…. पडौस के लोग बोलते भैया चाय का बिल डायरी में नोट कर लेना, थोड़ी देर में आकर पैसा देती हूं शालिनी चाय का कप … Read more

नई पीढ़ी – माधुरी गुप्ता : Moral stories in hindi

आज सुबह सुबह सुजाता की बेटी नीरा ने फोन खटका दिया,मां मैं कुछ दिनों के लिए घर आजाऊ कया? तबियत कुछ ठीक नहीं है। हां हां बेटा तेरा ही घर है, परंतु तेरी आवाज़ कुछ परेशानी भरी लग रही है,और तेरा वो लिव इन पार्टनर विनय बह कहां है, क्या उसको तेरी तबियत का जरा … Read more

अन्याय के खिलाफ – संगीता त्रिपाठी : Moral stories in hindi

सायरन बजाती एम्बुलेंन्स दूर चली गई।वसुधा छोटे बेबी को गोद में लिये कांप रही थी।उसकी तरफ उठी हर ऊँगली उसे ही दोषी मान रही थी। बेटा और बेटी उससे लिपट कर डरे -सहमे से खड़े थे। एक बारगी उसका मन भी विचलित हो गया, क्या उसने गलत किया…? पर आखिर वो कितने ज़ख्म, जो नासूर … Read more

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