दहलीज – पुष्पा पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

उत्तम एक शिक्षक थे। सरकारी स्कूल में पढ़ाते थे। सरकारी नौकरी के नाम पर ही लोग मूँछों पर ताव देने लगते हैं।  खाते- पीते परिवार की सुन्दर सुशील साक्षी के साथ उनकी शादी हुई। दान- दहेज भी मिला। उत्तम के माता- पिता नहीं थे। एक बड़ा भाई था वही शादी- ब्याह किया। कुछ दिन तो … Read more

ये कैसा नाता? – डॉक्टर संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

“मां, मैं अभी शादी नहीं करूंगी…अभी मेरी पढ़ाई पूरी नहीं हुई है…कितनी बार आपको कहा मैंने…” रुचि ,अपनी मां ममता का विरोध करती बोली जब उन्होंने राजेश का रिश्ता उसके लिए बताया। ममता को गुस्सा आ गया था…”कितनी बार कह चुकी हूं कि तेरे पापा वहां" हां "कह चुके हैं,अब कुछ नही हो सकता… मैं … Read more

लव मैरिज – नीलम नारंग : Moral Stories in Hindi

मां बेटी में अकसर ही बहस चलती रहती थी। कभी-कभी यह बहस लड़ाई का मुद्दा भी बन जाती थी और मां बेटी में अबोला भी हो जाता था। सलमा नहीं चाहती थी  कि वो अपने  ममेरे  भाई से शादी करे। उसे शोएब कभी से ही पसंद नहीं था , दूसरी बात वह कोई काम भी … Read more

दिल पर कोई ज़ोर चलता नहीं है – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

रेवती अपने कमरे में लेटी हुई थी । सुजीत रसोई में चाय बना रहा था कि रेवती ने उसे पुकारा कि एक बार इधर आओ ना आपसे बात करनी है । वह कई दिनों से सुजीत को अपने मन की बात बताना चाहती थी लेकिन हर बार वह अपनी बात दिल में ही रखकर चुप … Read more

मतभेद – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

नमिता घर के कामों में मशगूल थी तभी डोर वेल बजी । नमिता ने दरवाजा खोला तो देखा सामने कोरियर वाला था। उसने एक  लिफाफा पकड़ाया नमिता को और चला गया । नमिता ने जब अंदर आकर लिफाफा खोला तो देखा दूसरे भतीजे की शादी का निमंत्रण कार्ड था ।र्काड देखकर नमिता थोड़ी असमंजस में … Read more

विवाह त्रासदी – चम्पा कोठारी : Moral Stories in Hindi

बीना अक्सर ही अपनी मौसेरी बहन  सविता के घर आती रहती है। एक तो दोनों बहनें एक ही शहर में पास पास ही रहती हैं। बीना उम्र में सविता से छोटी है पर वह अपने दोनों बच्चों के शादी ब्याह से निबट चुकी हैं।वहीं सविता के दोनों बेटों की शादी अभी तक नही हुई। सविता … Read more

मतभेद – रोनिता कुंडु  : Moral Stories in Hindi

सुनिए… आप जरा ऑफिस से जल्दी आ जाना… राशन खत्म हो गया है… वह लाने चलेंगे… पदमा ने अपने पति रवि से कहा  रवि:   क्या राशन खत्म..? वह भी महीने के बीच में..? पर मैं तो राशन पूरे महीने का ही लाता हूं ना…? ऐसे कैसे बीच में ही खत्म हो गए..? पदमा:   … Read more

दिमाग की खिड़कियाँ – सुधा भार्गव : Moral Stories in Hindi

“रानी ओ रानी …अरे  कहाँ ग़ायब हो गई।”  गहरी सांस  लेने के बाद फिर कर्कश आवाज —”  “अरी कान में तेल डाल कर बैठी है क्या !लगे निगोड़ी को  सुनाई देना ही।बंद हो गया है।”  “माँ  चिल्लाओ मत। सोमवार को मेरी परीक्षा है मुझे बहुत काम  है।”   “परीक्षा गई तेरी भाड़ में ।अपनी किताब समेट!भर  … Read more

अभिनय की कसौटी – लतिका श्रीवास्तव  : Moral Stories in Hindi

आज फिर ढाक के वही तीन पात …नौकरी नहीं …!! कितनी एडियां रगड़ी कितनी मिन्नतें की पर बिना सिफारिश बिना ऊंची पहुंच के आज के जमाने में मुझे कौन नौकरी दे देगा।प्रतिभा है मेरे अंदर आखिर तीन वर्षो तक लगातार  पूरे कॉलेज का बेस्ट एक्टर मुझे ही चयनित किया जाता रहा है स्कूल में भी … Read more

थैंक्स पापा! – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

 ” बस आरव, बहुत हो चुका…अब मैं तुम्हारी तानाशाही हर्गिज़ नहीं सहूँगी।” निशा लगभग चीखते हुए बोली।  ” हाँ तो…मैं भी अब तुम्हारी गुलामी बर्दाश्त नहीं कर सकता।आरव.. ये मत करो..ऐसे नहीं बैठो..ये मत खाओ..तंग आ चुका हूँ तुम्हारी इस दादागिरी से..।”आरव भी उसी लहज़े में बोला तो निशा भड़क उठी,” अच्छा…शादी से पहले तो … Read more

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