गड़े मुर्दे उखाड़ना -शनाया अहम Moral Stories in Hindi

आज सुबह से ही मीना का मूड कुछ उखड़ा उखड़ा था, वो सीधा रसोई में गई और अपना टिफ़िन लेकर ऑफिस के लिए निकल गई ,आज उसने किसी से न तो बात की न ही जाते वक़्त कुछ कहा।  घरवालों ने उससे बात कर ने और उसका मूड खराब होने का कारण जानना भी चाहा … Read more

मुझसे पहले आपका हक है -हेमलता गुप्ता Moral Stories in Hindi

पापा …मुझे ₹3000 दीजिए ना, आपको पता है ना मैंने वह इतना सुंदरलहंगा देखा था, पर मैं उस दिन ले नहीं पाई थी और मुझे आज वह चाहिए! हां बेटा.. क्यों नहीं.. तू यह ₹5000 रख ले और तुझे और भी कुछ सामान चाहिए तो वह भी ले लेना! और कपिल जी ने अपनी बेटी … Read more

अपने ही पहले दगा देते हैं -रश्मि प्रकाश Moral Stories in Hindi

“ बहू जरा अलमारी में से वो पेपर और गहने का डिब्बा तो पकड़ा दे…।” राजबाला जी ने बिस्तर पर बैठे बैठे अपनी छोटी बहू से कहा केतकी डिब्बा पकड़ा कर वापस चली गई वो अपनी सासु माँ को चाय देने आई थी और देख रही थी सासु माँ कुछ परेशान सी बिस्तर पर पहले … Read more

गड़े मुर्दें उखाड़ना – डाॅक्टर संजु झा : Moral Stories in Hindi

उमेश जी और विनीता जी पति-पत्नी में माँ को लेकर एक बार फिर  से लड़ाई हो रही है। उमेश जी -” विनीता! माँ की तबीयत खराब  है।मैं कल माँ को लेने  गाँव जा रहा हूँ।” विनीता जी तमकते हुए-” देखो जी!अब मैं भी कोई  नई-नवेली दुल्हन  नहीं रही कि आपकी और आपकी माँ की कटु … Read more

गड़े मुर्दे उखाड़ना – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

स्वाति स्कूल से आकर अभी फ्रेश भी नहीं हुई थी कि वाचमेन ने आकर बताया कि जल्दी चलिए साहब गिर गए हैं । वह फिर से चप्पल पहनकर उल्टे पाँव भाग कर उस जगह पर पहुँची जहाँ उसका पति शराब के नशे में धुत्त होकर गाड़ी से नीचे गिर गया था । वाचमेन की सहायता … Read more

शुभचिंतक -शिव कुमारी शुक्ला Moral Stories in Hindi

लता जी ने काइनेटिक निकाल कर बाहर खड़ा किया जैसे ही वे गेट बन्द करने के लिए मुड़ीं  उन्हें हल्का सा सामूहिक हास्य सुनाई दिया। उनके पलटते ही चुप हो गईं। आस-पड़ोस की तीन चार महिलाएं किसी एक के गेट पर  खड़ी हो कर बतिया रहीं थी। अभी वह स्कूटर स्टार्ट कर ही रही थी  … Read more

जीवन का सवेरा (भाग -9 ) – आरती झा आद्या : Moral stories in hindi

बच्चे उछलते कूदते योगिता और राधा के साथ हवेली के अंदर चले गए। सारी लड़कियाँ पहले ही अंदर जाकर फ्रेश हो रसोई की ओर रुख कर चुकी थी।  आरुणि अपने ड्राइवर अंकल की ओर मुखातिब होते हुए बोलती है.. “आप लोग भी डिनर करके ही जाइए और रोहित को गाड़ी से ही उसके होटल पहुँचा … Read more

मर्द का भी रोना ज़रूरी है -शनाया अहम Moral Stories in Hindi

क्या दर्द सिर्फ औरतों को होता है ,मर्द को नहीं ??? क्या वाक़ई भावनाएं सिर्फ औरतों में होती हैं , मर्दों में नहीं ??? क्या औरतों को ही सबके सामने आंसू बहाने का हक़ है , मर्द अकेले में नहीं रो सकता ??? ये तमाम सवाल आज जवाब मांग रहे थे रितेश के दिल से … Read more

खुशनुमा बयार – बालेश्वर गुप्ता Moral Stories in Hindi

मानसी-मानसी, खुश खबरी, कल पापा हमारे पास आ रहे है,तीन दिन रहेंगे।ओह, पापा, आपने हमे माफ कर दिया,इससे बढ़कर हमारे लिये कुछ भी नही।      क्यों, राजेश क्या अब मेरी बिरादरी बदल गयी है जो दो वर्ष पहले मुझे ताना देकर सुनाई गई थी,या अब अपने बेटे से कुछ जरूरत आन पड़ी है?        ये कैसा रिएक्शन … Read more

चीटियां मेला जाती है – सुनीता मुखर्जी “श्रुति Moral Stories in Hindi

चार-पांच दशक पहले की बात है जब नित्या बहुत छोटी थी। उसे चीटियां बहुत आकर्षित करती थी। हमेशा सोचती यह चीटियां कितनी अच्छी है दूर-दूर तक घूमने चली जाती है। आखिर जाती कहांँ है?? यह उत्सुकता हमेशा उसके मन में बनी रहती।  एक दिन नित्या पड़ोस की एक महिला से बोली काकी!! यह चीटियां कहांँ … Read more

error: Content is protected !!