तेरे किया का कहीं मुझे ना भुगतना पड़े – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ बस कर नंदा… कितना विष उगलना बाकी रह गया है?” अचानक से ये आवाज सुनकर नंदा दरवाज़े की तरफ देखने लगी  सामने उसकी माँ जानकी जी खड़ी थी । नंदा के चेहरे की हवाइयाँ उड़ गईं… माँ अचानक यहाँ कैसे आ गईं… कहीं सासु माँ ने तो नहीं बुलाया है तभी पीछे से आवाज़ … Read more

बचुआ! इक छोटा-सा ‘मुबैल’ हमें भी दिला दो.. – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

 आज शनिवार है। पूरे एक हफ्ते बाद दादी पहले वाली दादी बन गई हैं। इतनी कड़कती ठंड में भी , पापा के मना करने के बावजूद, उन्होंने सुबह-सुबह अपना बिस्तर छोड़ दिया और नहा-धोकर, हाथ में माला लेकर वे पुनः अपने बिस्तर में विराजमान हो गईं और अपनी चिर-परिचित ऊंची आवाज में बहू को इतनी … Read more

आत्मसम्मान – प्रवीण सिन्हा : Moral Stories in Hindi

बशीर मिया 65 के हो चले हैं पर काम करना नहीं छोड़ा सरकारी नौकरी थी 58 मे पटवारी के पद से रिटायर्ड हो गये  थे । पर उनका मानना था कि जब तक उपर वाले कि बुलावा न आ जाये तब तक आदमी को हाथ पैर हिलाते रहना चाहिए पैसे की दरकार न हो त … Read more

औलाद – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

       ओह, तो आपको पैसा चाहिये,तो पैसा ही मांगते,फिर ये किसी कार्यक्रम के अध्यक्ष बनाये जाने के एवज में रुपये की मांग क्यों?देखिये मुझे आपके किसी सम्मान की जरूरत नही है।मेरे पास जब तक दौलत है तब तक मेरा सम्मान स्वयं ही सुरक्षित है।       नही-नही, सर ये बात नही है।वह तो सामान्य ऐसा होता ही है … Read more

दामिनी – शालिनी श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

अरे दामिनी…. यह क्या… तुम घर के कपड़े ही पहन कर कीर्तन में आ गई???? तुम्हें पता है ना, शादी वाला घर है… कितनी चहल-पहल है… सब लोग कितने महंगे महंगे कपड़े पहन कर घूम रहे हैं ….और तुम साधारण कपड़े पहन कर यहां आ गई…. शांति काकी ने सभी के बीच दामिनी को यह … Read more

चाय पर आफ़त – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“माँ तुम मुझे माफ़ कर पाओगी?” ये बात जब तब जयंत के मन में ज़रूर आता रहता  पर ज़ुबान पर लाने की उसकी हिम्मत नहीं होती थी… और अब वो किस मुँह से किससे जाकर ये कहें ये भी वो समझ नहीं पाता था  चलचित्र की तरह आज भी उसे दो साल पहले का सारा … Read more

पैसे का गरूर – अमित रत्ता : Moral Stories in Hindi

बो तुमसे नही हमारी दौलत से प्यार करता है उसकी औकात हमारे घर का नौकर बनने की नही और तू उसे मेरा दामाद बनाना चाहती हो? वो एक मामूली सा केशियर जो पूरा दिन लोगों के नोट गिन गिनकर बैंक की तिजोरी में डालता है शाम को पांच सौ रुपये कम हो जाएं तो पूरी … Read more

तोड़ती चुप्पियाँ – सोनिका शर्मा : Moral Stories in Hindi

नंदिता एक 28 वर्षीय महिला है, जो एक छोटी सी कंपनी में एक उच्च पद पर काम करती है। उसकी ज़िन्दगी बहुत ही सुसंगत और व्यवस्थित दिखती है। लोगों के बीच उसकी छवि एक आत्मविश्वासी और सशक्त महिला की है, जिसे अपने जीवन का नियंत्रण पूरी तरह से है। लेकिन असल में वह एक गहरी … Read more

कुछ गुनाहों का प्रायश्चित नहीं होता है। – मुकुन्द लाल : Moral Stories in Hindi

   रोगियों का गांवों में इलाज करके एक सप्ताह बाद जब चतुर्भुज एक युवती के साथ अपने घर में दाखिल हुआ तो उसकी पत्नी सौम्या के मन में कुछ अनहोनी की आशंका दस्तक देने लगी। उस वक्त वह खामोश रहते हुए अपने पति को सवालिया नजर से देखा तो उसने कहा, “यह  लड़की पेशेंट है इस … Read more

पैसे का गुरूर – सिम्मी नाथ : Moral Stories in Hindi

निशा के कक्ष में प्रवेश करते ही सारी सहेलियों ने उठकर उनका स्वागत किया और गले से लगा लिया । आते ही उन्होंने ऊपर की तरफ़ देखकर कहा , अरे रेखा ए ० सी ० चलाओ न ! रेखा जी ने सिर नीचा कर कहा , वो मेरे घर में ए ० सी नहीं है … Read more

error: Content is protected !!