Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

” विरोध” – पूजा शर्मा अब मैं तुम्हारी मा के साथ एक पल भी नहीं रह सकती सुमित, तुम्हारी मम्मी की हर बात में टोका टाकी मुझे बिल्कुल पसंद नहीं है, विदुषी अपने पति से चिल्ला कर बोली, आखिर तुम हर वक्त मां की बातों का विरोध क्यों करती रहती हो अगर ऑफिस से देर … Read more

अनारकली – अंजना वर्मा : Moral Stories in Hindi

“ऐ! चुप रह। जब देखो तब मुस्कुराती रहती है, ठी-ठी-ठी-ठी हँसती रहती है। न कोई सोच, न कोई चिंता। थोड़ी भी शरम है?” दीपा की भाभी ने कहा। “किस बात की शरम भाभी? क्या किया है मैंने? कौन-सा ग़लत काम किया है जो शरमाऊँ?” दीपा बोली। “क्या किया है? मुझसे पूछती है? अपने से पूछ।” … Read more

खोए हुए रिश्तों की तलाश – विमल भारतीय ‘शुक्ल’ : Moral Stories in Hindi

एक सर्द सुबह थी। कोहरे से लिपटी हुई सड़कें, ठंड में सिकुड़ती ज़िंदगी और हवा में अजीब सी खामोशी। उसने अपनी गाड़ी घर के सामने रोकी। पिछली सीट पर एक बुजुर्ग व्यक्ति बैठे थे। उनका चेहरा थका हुआ और उदास था। आँखों में एक गहरी चोट थी, जो समय और हालात ने दी थी। यह … Read more

बेटी की खुशी***एक पिता की नजर से – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

रोहन और मिताली एक मल्टीनेशनल कंपनी में बैंगलोर में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। दोनों तीन साल से एक ही जगह काम कर रहे थे सो आपस में मित्रता थी किन्तु यह मित्रता कब प्यार में बदल गई  वे स्वयं भी इससे अनजान थे। दोनों एक-दूसरे को चाहने लगे और बात शादी तक जा … Read more

बहू से बेटी और बेटी से बहू तक का सफर – रोनिता कुंडु : Moral Stories in Hindi

नहीं बहू नहीं जाएगी और यही मेरा आखिरी फैसला है, मुझे और कोई बहस नहीं करनी। जानकी जी ने चिल्लाते हुए कहा  निशांत:  फिर ठीक है, अब जब आपने फैसला कर ही लिया है फिर तो कोई आगे बात करने का कोई मतलब ही नहीं। सोनम तुमने सुन लिया ना? अब मेरे कान के सामने … Read more

*पंखहीन परी* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

    देखो बेटी,तुम इस घर की बडी बहू हो,इसलिये तुम्हे अपने मायके के बचपने को छोड़ना होगा।तुम्हारी ननद, तुम्हारे होने वाली देवरानी सब तुम्हे ही देख कर आचार विचार रखेंगे।     जी-माँ जी।       रीता की रितेश से शादी अभी दो माह ही पूर्व हुई थी।रितेश अपने घर मे अपने भाई व बहन से बड़ा था,इस कारण रीता … Read more

परफेक्ट मैच – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

दोस्तों कहते हैं जोड़ियां तो ऊपर से बनकर आती है बस हम या आप तो उन्हें मिलाने का जरिया मात्र बनते हैं। कुछ जोड़ियों को देख हमारे मुंह से निकलता है वाह !क्या खूबसूरत जोड़ी है । पर कुछ जोड़ियां खूबसूरत भले ना हों पर उनका सच जान मुंह से यही निकलता है वाह ! … Read more

गहरा रिश्ता – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

जाने किस घड़ी में इसे पसंद किया था, मेरी तो मति ही मारी गई थी जो मै इसे बहू बनाकर लाई, एक काम भी ये ढंग से नहीं करती है, पता नहीं कैसे घर संभालेंगी? इसके तो खुद के ही काम नहीं होते हैं।’ मंजुला जी बड़बड़ कर रही थी, लेकिन सोनिया पर कोई असर … Read more

“ आई लव माय सासू मां “ – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

मालती.. पूरे 6 महीने हो गए हैं गुड़िया की शादी को ,इन 6 महीनो में तीन चार बार वह यहां आ भी गई किंतु इस बार तो पूरा एक महीना हो गया जब वह आई थी, बड़ा मन कर रहा है उसे देखने का वैसे तो हर समय अपने ससुराल की प्रशंसा करती है किंतु … Read more

बेदखल – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

पंकज सात भाईयों के बीच में सबसे छोटा बेटा था।पढ़ाई में मन लगता नहीं था,तो एक दुकान में जाकर काम करने लगे थे।कोठी बड़ी थी।सभी भाईयों के कमरे अलग-अलग थे।पंकज सारा दिन भटकता रहता था।खाना मांगने पर खुद की मां कुमाता बनकर कहती”कब तक मूंग दलेगा हमारी छाती में?इन सारे बच्चों के पिता कमाते हैं, … Read more

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