काश…रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

रीवा को लगा कोई उसके बालों पर हौले से हाथ रखे है… उसने झटक कर पीछे देखा… तो सासु मां कांता जी थीं… उनका हाथ रीवा के सर पर था…  कांता जी ने प्यार से बाल सहलाते हुए कहा…” मैं हूं बेटा… क्या हुआ… विनय अभी तक नहीं आया ना…!” ” नहीं मां उन्हींका तो … Read more

वंशबेल – इन्दिरा गोस्वामी : Moral Stories in Hindi

गाँव का महाजन पीतांबर अपने घर के सामने पेड़ के ठूँठ पर बैठा था। वह पचास को पार कर चुका था। कभी वह काफी हट्टा-कट्टा था, लेकिन अब उसे चिंता ने दुबला दिया था। उसकी ठुट्टी के नीचे की खाल ढीली पड़कर लटकने लगी थी। वह दूर निगाहें टिकाए एक बच्चे को देखे जा रहा … Read more

एक अल्हड़ एक परिपक्व – मनीषा सिंह : Moral Stories in Hindi

आज मधु जी  जिम्मेदारी से मुक्त हो गई ।  सबसे छोटे बेटे गोपाल की शादी अपने पसंद की लड़की रागिनी से किया ।‌ मधु जी के दो बेटे थे बड़ा बेटा आलोक जो स्वयं बैंक में कार्यरत था और अपनी ही सहकर्मी प्राची जो अंतर जाति थी, से” लव मैरिज” की । हालांकि घर वाले … Read more

भाभी है नौकरानी नहीं – रोनिता कुंडु : Moral Stories in Hindi

मम्मी! फ्रिज में मैं कल केक देखा था, आज नहीं है किसने खाया? तिथि ने कहा  मुझे क्या पता? मैं कौन सा केक खाती हूं? पूछ तेरी भाभी से, पूरे दिन घर पर वही रहती है, खाया होगा तभी, कमला जी ने कहा  तिथि:  भाभी! कल मैंने केक का एक पीस देखा था फ्रिज में, … Read more

हमारी भाभी – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

दरवाजे की घंटी बजती है, कूरियर वाला आया है, मैंने दरवाजा खोला तो वो मुझे कार्ड दे गया, मैंने उत्सुकतावश कार्ड देखा, और खुशी से मां से कहा कि, ‘मोनू भैया की शादी का कार्ड आ गया है, मां झट से बोली इस की भी शादी हो रही है, विश्वास नहीं होता। इतनी तो उम्र … Read more

भाभी मां – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

लक्ष्मी मात्र सोलह वर्ष की उम्र में व्याह कर रघु के घर आ गई। गरीब किसान की बेटी थी। मां बापू दूसरों के खेतों पर काम करने जाते, पीछे वह घर का काम एवं छोटे भाई बहनों का ख्याल रखती। ससुराल आकर भी खेलने-खाने की उम्र में घर गृहस्थी के कामों में झोंक दी गई। … Read more

अपमान – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

बुआ जी आप मेरे मम्मी पापा का इस तरह से अपमान नहीं कर सकती। मम्मी ने तो आपसे कोई रिश्ता बताने को कहा था मेरे लिए वो भी इस लिए कि आप समाज के बीच में रहती है ,आप ऐसा करेगी कभी सोचा न था।मैं अपनी मम्मी पापा के आंख में आंसू नहीं देख सकती … Read more

भाभी – नीलम शर्मा : Moral Stories in Hindi

अरे रत्ना जरा जल्दी कर। देख बारात दरवाजे तक आने ही वाली है। निर्मला चाची परेशान सी रत्ना से बोली। निर्मला चाची रत्ना की चचेरी सास थी। आज रत्ना की छोटी नंद विभा की शादी थी। वही रत्ना को सब कामों और रीति-रिवाजों के बारे में बता रही थी। क्योंकि रत्ना की सास का उसकी … Read more

काश ऐसी सास सबको नसीब हो – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ माँ आप रो क्यों रही है…. क्या आपको भी मैं ही गलत नजर आ रही हूँ ?” नित्या अपनी सास सुशीला जी से उदास स्वर में बोली “ नहीं बहू मुझे तो अपनी बेटी पर ग़ुस्सा आ रहा है….. पर अच्छा हुआ अब वो चली गई…. उम्मीद करूँगी अब जब वो आए तो फिर … Read more

‘थैंक्यू भाभी माॅं’ – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

अनु, एक पढ़ी-लिखी, सुलझे विचारों वाली खुशमिजाज महिला थी। खुश रहना और दूसरों को खुशियाँ बांटना उसका स्वभाव था। किंतु, आजकल कुछ समय से वह अपने अंदर कुछ उदासी, कुछ खालीपन महसूस कर रही थी। वह चाहकर भी खुश नहीं रह पा रही थी, मन सदा अशांत सा रहता। ऐसा नहीं था कि उसे कोई … Read more

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