काश,,? मेरे जैसी सास सबको मिले – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

और मनीषा कैसी हो ,बस ठीक हूं आंटी । क्या बात है मनीषा अब बिल्कुल दिखाई नहीं देती है , हां आंटी जबसे मम्मी गई है किसी से मिलने जुलने का मन ही नहीं करता है। हां वो तो है बेटा तुम्हारी मम्मी का जाना तो हम लोगों को भी बहुत खलता है ।हम लोग … Read more

काश ऐसे समझने वाली सास हर घर में हो – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

सरिता की शादी को हुए दो महीने ही हुए थे । जैसे ही उसने ससुराल में कदम रखा था कि सास निर्मला ने उसे अपनी बाँहें फैलाकर घर में स्वागत किया था । करोना के कारण बेटा प्रकाश वर्कफ्रम होम होने से माता-पिता के पास आकर रहने लगा था । उसी समय का उपयोग करते … Read more

“ हां… मुझे कोई शिकायत नहीं है” – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

देखो उमेश..मुझसे नहीं होगा, मैंने बहुत बर्दाश्त किया है आज तक किंतु अब भी तुम चाहते हो मैं तुम्हारी मां की सेवा करने के लिए उनके पास चली जाऊं या उन्हें यहां बुला लूं तो यह मुझसे नहीं होगा, तुम उनके बेटे हो इसलिए तुम मेरे साथ हुए सारे अत्याचार भूल सकते हो किंतु मैं … Read more

अतीत को भूल वर्तमान अपनाये – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

” दिशा क्या बात है उदास क्यो है इतनी ?”  रेणुका ने ऑफिस मे अपनी दोस्त और सहकर्मी से पूछा। ” बस यार ऐसे ही !” दिशा ने टालना चाहा। ” नही दिशा कोई बात तो है अभी तेरी शादी छह महीने हुए है बस पर ना चेहरे पर नई शादी की उमंग ना कोई … Read more

पछतावे के आसू – खुशी : Moral Stories in Hindi

रती और निधि दोनों देवरानी जेठानी थी।रती एक बातूनी और मिलनसार औरत थीं जो किसी का भी काम करती थी और सबकी चहेती थी। सास ससुर सबके लबों पर सिर्फ रती रती ही रहता। निधि कम बोलती अपने काम से मतलब रखती।उसे बड़ा बुरा लगता सब रती रती करते तो उसके पति अनिल भी कहते … Read more

खूबसूरत पछतावा – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

 देखो भाग्यवान …..अब तुम्हारी तबीयत ठीक नहीं रहती , निर्जला व्रत रखने की आवश्यकता नहीं है , कुछ फलाहारी वगैरह ले लेना  । मैं तो कहता हूं अब व्रत रखना ही बंद  कर दो  । मुंगेरीलाल ने पत्नी विधि से कहा।        अच्छा , तो अब तुम मुझसे वो अधिकार भी छिनना चाहते हो , जो … Read more

साथ निभाऊंगा प्रिया – ऋतु गुप्ता : Moral Stories in Hindi

तुम अब ज्यादा दुखी मत  हुआ करो प्रिया, मां को तो कुछ ना कुछ कहने की आदत है ही, तुम्हारी अब वह हालत नहीं की ज्यादा सोचो। प्रवीण ने प्रिया को संभालते हुए कहा तो प्रिया जो अभी तक अपनी मोटी मोटी आंखों में बड़े बड़े आंसुओं को रोक रही थी ,प्रवीण की इन बातों … Read more

मेरी भाभी हैं – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  मालती एक शांत स्वभाव और सादगी पसंद लड़की थी।बचपन से वो देखती आई थी कि चाचाजी और बुआजी जब भी माँ को भाभी कहकर पुकारते तो उनके चेहरे पर एक चमक आ जाती थी।उनका कोई भी काम हो, माँ मन लगाकर करतीं थीं।कई बार तो उसके पापा अपने भाई-बहन को डाँट भी लगा देते थें, … Read more

*हटना आवरण का* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

    शादी तय होते ही मम्मी ने समझाना शुरू कर दिया था कि बेटी हर हाल में तुझे अवनीश के साथ अपनी सास से अलग होना है।अवनीश का दूसरा भाई है तो सास उसके पास रह सकती है।       जब पहली बार मम्मी ने मालिनी को यह समझाया तो उसे बड़ा अजीब सा लगा।उसे लगा था कि … Read more

भाभी – सुनीता मुखर्जी “श्रुति” : Moral Stories in Hindi

आर्यन की नौकरी लगने के बाद कई जगह से रिश्तों की लाईन लग गई, लेकिन अम्मा ने रंजना भाभी को देखा और देखते ही कह दिया यह लड़की ही हमारे घर की बहू बनेगी। पता नहीं अम्मा की पारखी नजर ने ऐसा क्या देखा?? रंजना भाभी सुंदर रंग रूप, गुणवान एवं बहुत व्यवहार कुशल थी। … Read more

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