आप अपना देखिये – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

   ” मालती…बहू को इतनी छूट मत दे..उस पर नकेल कस..।” विवाह के अगले दिन ही नई-नवेली बहू को सलवार- कमीज़ पहने देख मालती की जेठानी की त्योरियाँ चढ़ गई थी।मालती बोली,” दीदी..नकेल क्यों…बहू भी तो हमारी बेटी ही है ना..।इतनी गरमी में जब हम सभी आरामदायक कपड़े पहने हैं तो बहू क्यों नहीं..। कहकर उसने … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

#शब्द: #अहंकार – डॉ आभा माहेश्वरी “अरे अहंकार तो रावण का भी नही रहा ,” दादी चिल्ला रहीं थी और मुग्धा  निस्तब्ध खड़ी थी।शहर की जानीमानी डाक्टर मुग्धा से आज एक माँ और बच्चे की मौत होगई। प्रतिष्ठित गायनी डाक्टर अपने पेशे में सिद्धहस्त और उसे अहंकार भी था अपनी काबलियत पर।आजतक कोई भी क्रिटिकल … Read more

भाभी – डॉ आभा माहेश्वरी : Moral Stories in Hindi

“अम्मा— देखो ना हमारी भाभी कितनी सुन्दर है– भगवान ने हमें भाभी के रूप में सुन्दर उपहार दिया है– अम्मा– हम सब भाई बहन भाभी को बहुत प्यार करेंगें,” सुनंदा कहे जा रही थी अपनी अम्मा से।आठ साल की छोटी सी बच्ची– लेकिन उसे अपनी नवब्याहता भाभी बहुत अच्छी लगीं।और भी भाई बहन थे लेकिन … Read more

“ भाभी का फर्ज “ – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

भाभी.. आपको जरा भी होश नहीं है क्या.. गैस पर दूध छोड़ दिया सारा दूध बहकर बाहर आ गया आपसे कोई भी काम ढंग से होता है या नहीं, पता नहीं कहां से लाकर गांव की लड़की को हमारी भाभी बना दिया! और सुबह आपने जो बर्तन साफ किए थे उनमें भी साबुन रह गया … Read more

भाभी के तेवर – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

 मनीषा अपनी भाभी तानिया को खाना खाने के लिए छत पर बुलाने गई थी। उसने देखा कि तानिया किसी से फोन पर बात कर रही है। उसकी बातों से लग रहा था कि वह फोन पर अपनी मम्मी से बात कर रही है। मनीषा ने सुना की तानिया कह रही थी -” मम्मी आपको तो … Read more

भाभी – क़े कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

माँ आज बहुत खुश दिखाई दे रही थी I उन्हें इतना खुश मैंने इस बीच नहीं देखा है। हमेशा पैरों में दर्द कमर में दर्द का बहाना चलता रहता है। मैं जैसे ही घर में घुसी उन्होंने चहकते हुए कहा कि प्रतिभा सुन रही हो सोलह तारीख को तुम्हारे बडे भाई और भाभी आ रहे … Read more

भाभी – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral Stories in Hindi

***** पूरा परिवार पति, सास, ससुर और ननद के साथ उसके मायके वाले भी क्रोध से आग बबूला हो रहे थे और उन सबके सामने अपराधी की तरह सिर झुकाये खड़ी थी तुलसी। ननद राशि फूट फूटकर रोती हुई कह रही थी – ” भइया, पूॅछिये इस बेशर्म औरत से कि क्यों किया इसने ऐसा? … Read more

भाभी मां… – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

“हम सिर्फ तीन नहीं… चार भाई बहन हैं… दो बहनों को तो तुम जानती ही हो… दोनों दीदियों की शादी हो चुकी है… पर मैं अकेला भाई नहीं हूं… मेरे एक भैया भी थे…  सात साल पहले उनका निधन हो गया…!” ” मगर यह सब तुम अब क्यों बता रहे हो…!” ” सुन लो वसुधा… … Read more

*निःशब्द त्याग* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  जानकी, तुम?कितने बरस बाद दिखाई दी हो? कहाँ खो गयी थी? नही-नही, मुझे तुमसे यह पूछने का अधिकार नही है,मैं ही कायर निकला, तुम नही खोयी थी,मैंने ही तुम्हे खोया था।       बीती बात छोड़ो रमेश,बताओ तुम कैसे हो?तुम्हारी गृहस्थी कैसी चल रही है?       रमेश और जानकी में होश संभालते ही परस्पर आकर्षण पैदा हो गया … Read more

पेट की खौल – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

अरे जिज्जी कहां हो सुनो तो हमारा पेट खौल रहा है तुमको एक बात बताने के लिए तुमको बता दें तो थोडी ठंडक मिले…श्यामा की तेज आवाज सुनते ही बाबूजी ने आ गया मोहल्ले का आज तक चैनल कहते हुए अपने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया तो अम्मा हंसने लगीं तो आपको काहे की … Read more

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