मुन्नी बाई और सरसों का साग – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

      अब तू कॉलबेल बजा कर , घर से बुलाकर सब्जी बेचेगी मुन्नी बाई……कढ़ाई में तेल चढ़ाई हूं जल जाएगा ……अच्छा बता क्या है …..?  आराधना ने  खीझते हुए पूछा …. मेमसाहब सरसों का साग है… ले लीजिए…. अरे नहीं नहीं मुन्नी बाई , आज नहीं लूंगी ….थोड़ा जल्दी में हूं और वैसे भी कौन बीनेगा … Read more

बड़ी बहू – मधु वशिष्ठ : Moral Stories in Hindi

बचपन से ही ताई का रुबाब देखा था मम्मी तो मम्मी दादी भी उनकी बात को काट नहीं पाती थी बस कोने में माला लेकर बैठ जाती थी। जब मेरे विवाह की बात चली और मुझे पता चला कि घर में मुझे बड़ी बहू बनना होगा तो मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं था। घर … Read more

होते है कुछ दोस्त ऐसे – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

निकेतन कई दिनों से परेशान था उसे समझ नहीं आ रहा था कैसे वो अपनी बीमार माँ और पत्नी से अपनी परेशानी शेयर करे… कभी कभी तो उसके दिमाग में बुरे विचार भी आने लगते… नाते रिश्तेदारों ने भी अपने हालात का हवाला देकर पहले ही हाथ खींच लिए थे ऐसे में वो ज़िन्दगी से … Read more

वक्त पर काम आना – अमित रत्ता : Moral Stories in Hindi

मानव और मनमीत दोनो एक ही गांव से थे दोनो ही गरीब परिवारों के थे मनमीत मानव से सात साल बड़ा था जो कि शहर में छोटी मोटी नौकरी कर रहा था और मनमीत नौकरी की तलाश में था कुछ जगह धक्के खाने के बाद उसने विदेश जाने का मन बनाया गांव की सोसाइटी में … Read more

वक्त पर काम आना – खुशी : Moral Stories in Hindi

निधि और आरती पड़ोसन थी।निधि बहुत दिखावा करती थीं हमेशा आरती को कहती मै तुम्हारी बहन हू तब मुझे बुलाना और हर समय आरती के घर में ही खाती पीती रहती कही भी घूमने जाती तो अपने बच्चें भी उसी के भरोसे छोड़ जाती। आरती के पड़ोस में ही गायत्री भी रहती थी जो घर … Read more

कोशिश – खुशी : Moral Stories in Hindi

रुबीना एक दिलकश और खुशमिजाज लड़की थी।जो अपनी खाला के लड़के रशीद के साथ मंगनी के बंधन में बंधी थी।रुबीना की खाला नुसरत भी उसपर प्यार लुटाती थी  क्योंकि उनके शौहर का इंतकाल रशीद के बचपन में हो गया था और राशिद की मां और बड़ी बहन आमना ने  मेहनत कर के घर का ख्याल … Read more

मिट जानी हैं दूरियां – साहिबा टंडन : Moral Stories in Hindi

मालती की बोर्ड परीक्षाएं बस शुरु होने की थीं. सुजाता दिन रात उसका ख्याल रख रही थी. अनिल भी ऑफिस से आते जाते मालती को उसकी तैयारियों के बारे में पूछ लेते थे. मालती कोचिंग सेंटर भी जाती थी. हालांकि कोचिंग संस्थान दूर था और बच्चे भी क्षमता से ज्यादा थे पर अनिल और सुजाता … Read more

मन के रिश्ते – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

अरे सान्या रूम में इतना अंधेरा क्यों कर रखा है रूम की खिड़कियों से पर्दे हटाती हुई मम्मी बोली। जब जीवन में ही अंधेरा हो तो …. मम्मी ने पास में बैठ कर चद्दर समेटते हुए समझाया ” पता है तुम्हारी प्रोब्लम क्या है ? तुम हर कार्य को अपने अकॉर्डिंग चाहती हो बेटा हर … Read more

टूटते रिश्ते जुड़ने लगे – शीतल भार्गव : Moral Stories in Hindi

गाँव के छोर पर दो परिवार रहते थे ,चौधरी साहब और पंडित जी का ।दोनों परिवार पीढ़ियों से पड़ोसी थे,लेकिन पिछले कुछ समय से उनके बीच एक अजीब सी खटास आ गई थी । कारण था,कारण था चौधरी साहब के बेटे जय और पंडित जी की बेटी राधा का प्रेम । जय और राधा बचपन … Read more

टूटते रिश्ते जुड़ने लगे – गीता यादवेन्दु : Moral Stories in Hindi

सुहानी एक बहुत ही तेजतर्रार, अपना मतलब निकालने में होशियार रहने वाली लड़की थी । ईर्ष्या करना और दूसरों को नीचा दिखाना भी उसके व्यक्तित्व का एक हिस्सा था ।  कॉलेज में सुहानी साथी सहपाठियों ,सहेलियों से चालाकी से नोट्स हासिल कर लेती थी और रट-रटा कर ठीक-ठाक मार्क्स भी ले आती थी । अर्पिता … Read more

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