संस्कारी बहू – मीरा सजवान ‘मानवी’ : Moral Stories in Hindi

राधिका संयुक्त परिवार में पली बढ़ी।उसके परिवार में दादा-दादी,ताऊ-ताई ,उनके तीन बेटे  ,राधिका के माता-पिता ,राधिका और उसका भाई  सब मिल-जुलकर रहते थे। राधिका घर में सबसे छोटी थी और सबकी लाड़ली।  उसके दादा -दादी की तो उसमें जान  बसती थी। जहाँ चार बर्तन हों वे बजते ही हैं।छोटी-छोटी तकरार तो कहाँ नहीं होती लेकिन … Read more

बहुत से भी बहुत मीठी चाय – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

 पिछले नौ दिनों में ही प्रशांत को रिया की वास्तविक खुशी का अहसास हो गया था। अपनी व्यस्तता के बावजूद अब वह उसके घर वापिस आने पर चहकती हुई मिलती थी।        आज सुबह प्रशांत स्वयं भी रिया के उठकर बाथरूम में जाते ही उठ खड़ा हुआ और उसने गैस पर सुबह की चाय चढ़ा दी। … Read more

माँ मेरी पत्नी की जगह आपकी बेटी होती तो – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

सुबह सुबह सुहासिनी को घर के अंदर आते हुए देख रोहन ने खुशी से कहा अरे वाह तुम आ गई हो कैसे हैं बिटिया और दामाद उनके प्रश्न पूछने की देरी थी बस सुहासनी का चेहरा चाँद के समान चमकने लगा और कहने लगी मैं चाय बना लाती हूँ फिर हम बैठते हैं मैं सब … Read more

बड़ी बहू कर्म से – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

कला ऐसा करना। कला शादी का सामान कहां रखवाया है। कला गेहूं कहां रखवाये। कला मसाले तैयार हुए कि नहीं। ऐसे ही अनगिनत काम जिनके लिए कला का नाम ही परिवार में गूंजता रहता। कला जन्म पद से बड़ी बहू नहीं थी किन्तु अपनी चंट चतुराई एवं कार्यो के प्रति सजगता, कर्मठता एवं अच्छी सोच … Read more

डा. विधी बिटिया – डा. सुखमिला अग्रवाल’भूमिजा : Moral Stories in Hindi

आज मां को परलोक सिधारे लगभग एक महिना हो गया। एक एक कर के सभी रिश्तेदार और विदेश में बसे दोनों भाई भी आज मां का पिंडदान करके लौट गये थे। विधी मां की तस्वीर देखते-देखते भावुक हो उठी। आंखों से अश्रु धारा बह निकली। माॅं की तस्वीर पर माथा टेकते हुए अत्यंत भावुकता में … Read more

खुशी – बीना शर्मा : Moral Stories in Hindi

“छोटी बहू जब बड़ी बहू अपने नए मकान में चली गई  है फिर तू क्यों पुराने मकान में रह रही है तूने भी तो नया मकान बनवा लिया है फिर तू उसमें रहने के लिए क्यों नहीं चली जाती?”सास निर्मला ने अपनी छोटी बहू नीतू से कहा तो सास की बात सुनकर उसके चेहरे पर … Read more

बड़ी बहू – अयोध्याप्रसाद उपाध्याय : Moral Stories in Hindi

मीनाक्षी के कानों में अब भी वे ही शब्द गूंज रहे हैं — ‘ अंतर्जातीय विवाह ‘। इससे वह बहुत ही परेशान है। अन्यमनस्क जैसी रहने लगी है।मानो जीवन से वैराग्य ले लिया हो। उसकी दिनचर्या बिलकुल बदली बदली हुई सी। उसकी ऐसी मनोदशाओं को देख देख गोपाल आश्चर्य में पड़ गये थे। उनकी समझ … Read more

“मां मेरी पत्नी की जगह अगर आपकी बेटी होती तो” – ऋतु यादव : Moral Stories in Hindi

सोफे पर लता जी के कानों में रह रहकर बेटे सौरभ के शब्द गूंज रहे थे “मां मेरी पत्नी की जगह अगर आपकी बेटी होती तो”। इन्हीं शब्दों के दरमियां लता जी अतीत में खो गई,किस प्रकार उनकी कड़क मिजाज़ सास उनपर हुक्म चलाती और वो सुबह से शाम चकरघिन्नी सी लगी रहती तथा रात … Read more

नई कार – चांदनी खटवानी : Moral Stories in Hindi

क्या बात है आदि.. पिछले कई दिनों से मानवी नहीं आई अपने घर! मुझे क्या पता.. कहीं बाहर वाहर गई होगी.. अच्छा! पर तुम्हें बिना बताए.. मैंने तुरंत दूसरा सवाल दागा! अब थोड़ा वह झल्ला गया.. मैं क्या उसका सेक्रेटरी हूं.. जो उसके एक एक दिन का हिसाब किताब रखता फिरुं! यह कैसी बेवकूफी भरी … Read more

बड़ी बहू – ऋतु यादव : Moral Stories in Hindi

सब लोग जा चुके थे,आज तेरहवीं भी हो गई थी।घर एकदम सूना था, हरिया काका बैठे बड़ी बहू की तस्वीर के सामने बैठे,खो गए यादों में। करीब 13 वर्ष के थे ,वो जब स्कूल में मास्टरजी पढ़ाते पढ़ाते उनकी कक्षा में गिर गए थे।कक्षा के बच्चे और लोगों को बुलाकर लाए,तो पता चला मास्टरजी नहीं … Read more

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