और उसूल बदल गए – विमला गुगलानी : Moral Stories in Hindi
सुबह से तीन बार माँ का फ़ोन आ चुका था, लेकिन राशि बात नहीं कर सकी। जाहिर है, सुबह सुबह काम ही इतने होते है कि किसी से बात करनी तो क्या ढ़ग से बैठ कर एक कप चाय पीने की भी फ़ुरसत नहीं होती। पराग को आफिस और शान को स्कूल भेजकर ही वो … Read more