रिश्ते बोझ नहीं होते – कमलेश आहूजा  : Moral Stories in Hindi

“सुनो छवि,मैं किसी काम से बाहर जा रही हूँ तुम दोपहर का खाना बना लेना।”नेहा आर्डर देते हुए बोली।”  “भाभी,मेरे पेट में बहुत दर्द हो रहा है मैं खाना नहीं बना पाऊँगी।” नेहा रुआँसी होकर बोली। “तुम्हारा तो रोज का ही कुछ न कुछ प्रॉब्लम रहता है…काम के नाम पे कभी सर में दर्द तो … Read more

पापा आपको शर्म नहीं आई , इस उम्र में यह सब करते हुए !! – स्वाती जैंन  : Moral Stories in Hindi

घनश्याम जी रात भर सोए नहीं थे , उन्हें कुछ भी अच्छा नहीं लग रहा था , रात भर बुखार होने के कारण अब तो शरीर साथ भी नहीं दे रहा था फिर भी वे जैसे – तैसे उठे और अपने लिए चाय बनाई ताकि चाय के साथ कुछ खाकर दवाई ले पाए !! चाय … Read more

फिर भी बैर कम ना हुआ – रोनिता कुंडु  : Moral Stories in Hindi

मम्मी जी! आज आप सभी से एक बात कहना चाहती हूं, इस घर के खर्चे अब दिनों दिन ज्यादा ही बढ़ते जा रहे हैं, महीने का राशन जब आता है यह और भैया बराबर बराबर देते हैं, पर फिर भी बीच में अगर कुछ घट जाता है तो उसकी जिम्मेदारी उनके ही हिस्से क्यों आती … Read more

एक माफ़ी ने बिगड़ने से पहले रिश्ते सुधार दिए – रंजीता पाण्डेय   : Moral Stories in Hindi

रुचि क्या कर रही हो?मेरे पास आओ , रामरती जी ने बोला , रुचि आ गयी और बोली क्या हुआ माँ जी, ? दो दिन बाद तुम्हारी छोटी चाची (मोना) जी आ रही है, रुचि ने बोला मुझे पता है , माँ जी ।रामरती जी ने बोला , थोडा चुप रहेगी , पहले मेरी पूरी … Read more

नफ़रत की दीवार – नीलम शर्मा  : Moral Stories in Hindi

नीला बहुत खुश और उत्सुक थी आज अपने घर जाने के लिए। क्योंकि उसकी सास ने उसके देवर के लिए उसकी छोटी बहन शिल्पी के रिश्ते की बात करने के लिए उसको अपने घर जाने के लिए कहा था। बहुत प्यार करती थी वह अपनी छोटी बहन से। उसके तो इस बारे में सोच-सोच कर … Read more

नफ़रत की दीवार – आरती झा आद्या  : Moral Stories in Hindi

आज पहली बार उसे अपने नाम के साथ सिंह लिखने की इच्छा नहीं हुई, आज पहली बार इसे मिटा देने की इच्छा हो रही थी। पासपोर्ट के फॉर्म में जब उसने “Mother’s Name” के कॉलम में ‘मीरा सिंह’ लिखा, तो उसका हाथ काँप गया। सिया की पहचान हमेशा मीरा सिंह से जुड़ी रही थी — … Read more

बंटवारा – मनीषा सिंह : Moral Stories in Hindi

मां! बड़ी मम्मी और बड़े पापा आए हैं मैं उन्हें प्रणाम करके आती हूं••! आप भी चलो!  “तुझे जाना है तु जा”पर••वहां बैठने का काम नहीं! फटाफट चली आना! और ज्यादा दादी-नानी बनने की जरूरत नहीं! ठीक है••! उदास होकर अनुष्का वहां से चली गई।  क्यों शादी-शुदा बेटी को डांटती रहती हो ? राजेश बाबू … Read more

लें देन से ज्यादा रिश्तों में प्यार जरुरी है – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

नित्या जब मायके से ससुराल आईं तो उसने सास सुनयना के सामने तीन चार बड़े बड़े गिफ्ट के पैकेट रख दिए , और एक छोटी डिब्बी में एक सोने की चेन और अंगुठी भी थी ।ये क्या हैं नित्या सुनयना ने पूछा। नित्या बोली वो भतीजी का मुंडन कराया था न तो पापा मम्मी ने … Read more

“उपहार” – अनिता मंदिलवार “सपना” : Moral Stories in Hindi

     ”क्या मैं अंदर आ सकती हूं,” मिश्री घोलती आवाज जब. कानों में पड़ी तो मैंने सामने देखा । नवमीं कक्षा में प्रवेश के लिए लड़की जो खड़ी थी वह बहुत ही सभ्य और शालीन, अंग्रेजी में कहें तो अप-टू-डेट, सलीके से खड़ी, लम्बा कद ……….मेरे नाम. पूछने पर उसने बहुत ही सलीके से अपना नाम … Read more

ये धन- संपत्ति ना अच्छे- अच्छों का दिमाग़ ख़राब कर देती है – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

रामकिशन वकील के पास वसीयत लिखाने गए थे । उनकी दो लड़कियाँ थीं दोनों का विवाह हो गया था । सरोज दिल्ली में रहती थी उसके पति बैंक में काम करते हैं । उसका एक लड़का है हर्षा जो एक साल का ही है । दूसरी बेटी सरला पटना में रहती है उसका पति मल्टीनेशनल … Read more

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