बदलता रुख़ – रश्मि वैभव गर्ग : Moral Stories in Hindi

माही शहर की पॉश कॉलोनी में रहती थी । दो वर्ष पूर्व माही के पति का सड़क दुर्घटना में देहांत हो गया था । सार्थक ,माही का इकलौता बेटा था । पति के जाने के बाद माही ने अपने और बेटे के जीवन यापन करने के लिए टिफिन सर्विस शुरू कर दी थी । माही … Read more

सही राह – अर्चना सिंह : Moral Stories in Hindi

मनीषा के पापा रविप्रताप जी बैंक में क्लर्क और मम्मी सुगंधा जी गृहणी थीं । रविप्रताप जी के तीन बेटियाँ तृप्ति ,  और ज्योति, मनीषा थीं व एक बेटा सुबोध जो मनीषा से बड़ा था।  सब एक ही शहर के आस – पास रहते थे । मनीषा ने पुष्कर नाम के लड़के से अंतर्जातीय विवाह … Read more

दिखावे की जिंदगी – अमित रत्ता : Moral Stories in Hindi

लड़की प्लेट में दशहरी आम के लम्बे लम्बे पीस काटकर लाती है और प्लेट में दो चम्मच रख देती है। जैसे ही मनमीत की नजर उस प्लेट पर पड़ती है बो सोचने लगता है कि ये क्या ये तो नया ही तरीका है आम खाने का हमारे यहां तो पकड़कर चूस देते हैं जब तक … Read more

“आँखों में खटकना” – रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

मीरा जी बहुत खुश थी , छोटी बहु राधा , के घर मे आने से । पूरे घर में  चहल पहल थी । जो भी , रिश्तेदार , पड़ोसी ,बहु को देखने , आते सबसे बहु राधा की तारीफ करते नही थक रही थी। और तो औऱ बातो बातो में, अपनी आदत से लाचार मीरा … Read more

दिखावे की ज़िंदगी – मीरा सजवान ‘मानवी’ : Moral Stories in Hindi

शहर के पॉश इलाके में रहने वाली समीरा की ज़िंदगी सोशल मीडिया पर किसी फिल्मी हीरोइन से कम नहीं लगती थी। इंस्टाग्राम पर लाखों फॉलोअर्स, हर दिन की चमचमाती तस्वीरें, महंगे कपड़े, खूबसूरत कैफे, मुस्कुराता चेहरा — सबकुछ परफेक्ट। पर परदे के पीछे की हकीकत कोई नहीं जानता था। वह नितांत अकेली थी।उसकी फैन फाॅलोइंग … Read more

नफरत की दीवार – विनीता महक गोण्डवी : Moral Stories in Hindi

सुबह-सुबह मोहल्ले में श्रीवास्तव जी के घर से रोने की आवाज आ रही थी। एक साल पहले ही श्रीवास्तव अंकल ने मकान मेरे मोहल्ले के दूसरी तरफ खरीदा था। मन में बड़ी घबराहट हो रही थी। तभी मेरी कामवाली आई ,तो मैंने उससे पूछा क्या हुआ सरोज….? क्योंकि सरोज श्रीवास्तव अंकल के घर भी  काम … Read more

आपसी मतभेद – कविता झा’अविका’   : Moral Stories in Hindi

शांति देवी कितनी खुश थीं जब उनके बड़े बेटे रूपल की शादी सुगंधा से हुई जो कि बहुत ही सुन्दर थी जिसे देखकर हर कोई शांति देवी से कहता…   “चांँद का टुकड़ा ले आई हो आप तो। बहुत ही प्यारी हैं आपकी बहू।” शांति देवी भी अपनी किस्मत पर इतराती। सुगंधा सुंदर तो थी ही.. … Read more

“ढह ही गई नफ़रत की दीवार” – कुमुद मोहन   : Moral Stories in Hindi

“ये सब इस मनहूस की वजह से हुआ! जब वो जा रहा था कैसे रो रो के इसने अपशकुन किया था! जब से फ्रंट पर जाने की बात सुनी थी इसने शलभ को चैन की सांस तक ना लेने दी थी पूरे घर में मनहूसियत फैला के रखी थी!हर वक्त मुंह सूजाऐ घूमा करती! अरे!जब … Read more

मित्र – डाॅ उर्मिला सिन्हा : Moral Stories in Hindi

 बरसों बाद इस शहर में आना हुआ। पुराने मित्र के बेटे की शादी थी… बड़ी मनुहार से बुलाया था,” तुम्हें बेटे के विवाह में सपरिवार आमंत्रित कर रहा हूं…भाभी जी और बच्चों के साथ आओ।”    मैं भी भावुक हो गया,” कोशिश करता हूं… बच्चे बाहर हैं… पत्नी की तबीयत ठीक नहीं रहती “। ” कोशिश … Read more

नफ़रत की दीवार – सरोजनी सक्सेना : Moral Stories in Hindi

सेठ भगवान दास जी का आढ़त का व्यापार है । वह अनाज के थोक विक्रेता हैं । वह बहुत ज्यादा सेठ नहीं है । मध्यम वर्गीय सेठ है । सेठ तो उनके दादाजी ने उनका सरनेम दिया हुआ था । भगवान दास जी की पत्नी सरला जी व्यवहार कुशल और सामाजिक महिला है । उन … Read more

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