संयुक्त परिवार – अमित रत्ता : Moral Stories in Hindi

अपनी तेरह साल की बेटी के साथ हुई बर्बरता को देखकर आज रीना उस घड़ी को कोस रही थी जब उसने परिवार को छोड़कर अकेले रहने का फैंसला लिया था। आज उसे अपने पति की बात याद आ रही थी मगर अब सबकुछ खत्म हो चुका था पछताने के अलावा उसके पास कोई चारा नही … Read more

वनफूल – विनीता महक गोण्डवी : Moral Stories in Hindi

ज्ञानचंद जी इंटर कॉलेज में अध्यापक के पद पर कार्यरत थे। उनके पांच संताने थी ।जिसमें तीन पुत्र दो पुत्रियां। ज्ञानचंद जी अपने माता पिता के एकलौते संतान थे। उनके पिताजी का देहांत बचपन में ही हो गया था। जब वो 2 वर्ष के थे। उनकी माता गायत्री देवी ने बड़े संघर्ष से उन्हें पढ़ाया … Read more

“संयुक्त परिवार” – सरोजनी सक्सेना : Moral Stories in Hindi

आदिकाल से संयुक्त परिवार की प्रथा रही है । संयुक्त परिवार समाज की महत्वपूर्ण इकाई है । आज के समाज में धीरे-धीरे संयुक्त परिवार में बिखराव आता जा रहा है । देश में शिक्षा का महत्व निरंतर अपनी उन्नति की दिशा में फैल गया है । साथ ही साथ विज्ञान का आगमन अपनी तेज गति … Read more

 संयुक्त परिवार – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi

“ब्याह और ज्वाइंट फैमिली में? ना बाबा ना मुझे नहीं ब्याहनी अपनी बेटी इतने बड़े से टब्बर में” मीना जी झुंझलाकर अपने पति नरेंद्र जी से बोली! “देखो जी कहे देती हूं मेरी बेटी के लिए कोई ऐसा लड़का देखो जो मां-बाप का इकलौता हो !हो भी तो बस ज्यादा से ज्यादा एक बहन!  हां … Read more

 “परिवार की खुशियां” – कमलेश आहूजा : Moral Stories in Hindi

नीता थकी हारी ऑफिस से आई..सारा घर बिखरा हुआ देख मन ही मन में बोली..लगता है आज फिर काम वाली नहीं आई। रोज नीता सुबह आठ बजे घर से ऑफिस के लिए निकल जाती थी और पति नवीन दस बजे के करीब ऑफिस के लिए निकलता था।इस बीच वो कामवाली से काम करवा लेता था।अपना … Read more

 सच्चा सुख – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

    छाया के बीए के इम्तिहान का आज आखिरी पर्चा था।उसने मेज पर से पेंसिलबाॅक्स उठाया और दुपट्टा डालती हुई बोली,” माँ..मैं जा रही हूँ…।”वो बाहर निकलने लगी तभी उसकी दादी ने आकर उसके माथे पर तिलक लगाकर उसे आशीर्वाद दिया और चाची चम्मच से दही-चीनी खिलाने लगीं तो वो चिढ़ गई,” क्या चाची..आप लोगों की … Read more

 घर है या चिड़ियाघर? – रोनिता कुंडु : Moral Stories in Hindi

अरे जीजी! सुना है गुड़िया का रिश्ता तय कर दिया है और उसका परिवार संयुक्त है? जीजी! आज के ज़माने में संयुक्त परिवार में कौन अपनी बेटी देता है? बेचारी का पूरा जीवन रसोई में ही बीत जाएगा, एकांत को तरसेगी बेचारी, प्रभा जी ने अपनी बड़ी बहन शोभा जी से कहा  शोभा जी:  देख … Read more

मेरी आत्मा को तकलीफ़ देकर तुम कैसे खुश रह सकती हो – मंजू ओमर

अपने नन्ही पोती को देखकर सुमन की आंखों से आंसू बह निकले। क्या जिंदगी बना दी है भगवान तूने मेरी बच्ची को देखने को छूने को तरस रही हूं , उसकी एक मुस्कुराहट को तरस रही हूं। क्यों तूने मेरे सारे अरमानो पर पानी फेर दिया है। क्या कुसूर था मेरा और सुमन चेहरे को … Read more

संयुक्त परिवार-मनीषा सिंह

” मैं नहीं रह पाऊंगी यहां••! चार महीने से गर्भवती शक्ति पसीना पोछते पति अनिल के सामने वाली कुर्सी पर बैठते हुए बोली।  अब तनिक आराम तो कर लो श्रीमती जी••! अनिल फौरन शक्ति के पैरों को अपने गोद में रखते हुए बोला । आराम••? ये आराम वाली बात  ना ही बोल तो अच्छा है••! … Read more

 संयुक्त परिवार_ फायदे या नुकसान – निशा जैन : Moral Stories in Hindi

“अरे दीदी इस समय कैसे टाइम मिला अपनी बहन से बात करने का  ये तो तुम्हारे रसोई में रहने का टाइम है” सुधा ने बड़ी बहन प्रभा से कहा (जब कई दिनों बाद उसका फोन आया और जब फोन आता तो दोनों बहन का एक घंटा कब निकल जाता पता ही नहीं चलता) “अरे आज … Read more

error: Content is protected !!