परिवार ही पूंजी – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

श्रुति की बड़ी दीदी श्रेया की शादी थी पिछले सप्ताह।श्रुति रीना की सबसे पक्की सहेली थी।सुमि ने फोन पर बताया था निधि को”मम्मी,श्रुति की दीदी की शादी पक्की हो गई है।मीनाक्षी आंटी(श्रुति की मम्मी)आप को फोन लगाई थी,और आपने उठाया नहीं।एक बार फोन कर लीजिएगा।” निधि को वास्तव में आश्चर्य मिश्रित ख़ुशी हुई।अभी तो कुछ … Read more

बात सस्कांरों की – विमला गुगलानी : Moral Stories in Hindi

 रीवा और शुभम पिछले दो साल से प्यार की पीगों पर झूल रहे थे, लेकिन मुकाम तक पहुंचन बाकी था। मुकाम यानि कि शादी, शुभम की तरफ से तो कोई अड़चन नहीं थी और रीवा भी अपने  परिवार की और से निशचिंत थी कि उसके मां बाप भी अपनी बेटी की पंसद पर कोई एतराज … Read more

हमारा बुरा वक्त हमारे जीवन को नई दिशा दे जाता है – ऋतु यादव : Moral Stories in Hindi

अरे ऊर्जा!! तुम यहां कैसे? और यह क्या तुम तो बिल्कुल बदल गई हो। कितनी स्मार्ट लग रही हो!! एक सांस में बोल गई मैं। ऊर्जा,”माही दीदी!! फिर इधर-उधर देख सहज होते हुए,”बताइए इस कार्यालय में कैसे आना हुआ?” माही,”(कागज दिखाते हुए)वो मैं अपने स्वयं सहायता समूह के लिए, महिला विकास मंत्रालय द्वारा चलाई जा … Read more

बंद मुठ्ठी – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

 महिला विद्यालय का वार्षिक समरोह में मुख्य अतिथि समाज सेविका श्रीमती कल्याणी जी थी, माला अर्पण और स्वागत समरोह के बाद कई रंगारंग कार्यक्रम थे। अंत में मुख्य अतिथि से कुछ कहने का आग्रह किया गया,      “मैं चाहती हूँ हमारे देश की हर लड़की शिक्षित हो, इसके लिये कभी भी किसी को कोई मदद चाहिए … Read more

घर ही तो जा रहे हैं – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

मां तुम्हे हो क्या है आज कल…. कल भी तुमने मेरा सारा होमवर्क गलत करवा दिया था आज भी ।देखो ये मैथ्स के उत्तर गलत लगाए है तुमने रहने दो नहीं पढ़ाना है तो मत पढ़ाओ पर गलत तो मत बताओ कितनी डांट पड़ी थी कल मुझे क्लास में तुम्हे क्या पता…बेटा नमन दुखी स्वर … Read more

अल्हड़ देवरानी – गीतू महाजन : Moral Stories in Hindi

हां..अल्हड़ ही सी थी वो जब वो ब्याह कर हमारे घर आई थी।मेरे साथ- साथ कितने ही रिश्तो में बंध गई थी वो।19 साल की छोटी सी उम्र में ब्याह कर ससुराल आते ही वह इधर-उधर टुकुर-टुकुर देख रही थी।कोई उसे चाची, कोई मामी और कोई भाभी बुला रहा था। इतने बड़े संयुक्त परिवार को … Read more

उम्मीद का दीया – विनती झुनझुनवाला : Moral Stories in Hindi

मैं उस समय सोलह साल का रहा होऊंगा जब पहली बार उसे महावर लगाए,आंगन में खड़े देखा था राधा नाम था उसका,दुबली पतली सी काया लेकिन आंखों में उम्मीदों का सागर । मुझ से मुश्किल से दो साल बड़ी थी पहली  नजर में मुझे उससे हमदर्दी सी महसूस हुई लेकिन मैंने खुद को उससे दूर … Read more

ससुर भी पिता होते है…. – पूनम भारद्वाज : Moral Stories in Hindi

चुलबुली सी गुड़िया जैसी बहू स्नेहा सास ससुर की जान थी। शादी को बामुश्किल 6 महीने ही हुए होंगे कि एक सुबह फोन आया कि उसके पापा को हार्ट अटैक आ गया और वो सीरियस है।  सास ससुर और अपने पति करण के साथ वह मायके पहुंची ।तब तक डॉक्टर्स ने जवाब दे दिया और … Read more

कच्चा चिट्ठा खोलना – खुशी : Moral Stories in Hindi

निम्मी और विम्मी दोनो देवरानी और जेठानी थे।निम्मी हर काम में निपुण जबकि विम्मी बड़बोली थी पर उसे कुछ आता जाता नहीं था।हर समय वो ये ही सोचती की कैसे निम्मी का काम बिग।ड़े।एक बार उनकी ननद का बेटा संजय जो १५ साल का था उनके घर रहने आया। निम्मी उसका बड़ा ध्यान रखती और … Read more

ऋणी हूं मैं – डॉक्टर संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

ओह!इतना अंधेरा क्यों है आज घर में?वरुण ने कमरे की लाइट जलाते हुए कहा,देखा! चांदनी गुस्से में फूली अपने बिस्तर पर लेटी थी,उसकी घनी केश राशि उसके चेहरे को आधा ढके थी। क्या हुआ डियर?ये पूनम का चांद आज क्यों घटाओं में घिरा उदास है?उसने प्यार से चांदनी के चेहरे से उसके बाल हटाते कहा,जरा … Read more

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