बांझ – डोली पाठक : Moral Stories in Hindi
आज फिर सुबह सुबह सुखबसिया कांख में कुछ दबाकर दरवाजे पर आई… काकी ने मजाक किया कि,, क्या सुखबसिया!! कांख में क्या दबाई हो जरा मुझे भी तो दिखा.. सुखबसिया शरमाते हुए बोली- हटो न काकी तुम तो हमेशा मजाक हीं करती रहती हो.. ये आंवला तेल है जो मैं दुकान से ले कर आई … Read more