सही सोच – विमला गुगलानी : Moral Stories in Hindi

आज बहुत देर कर दी सैर से लौटते हुए, कब से नाश्ता बना कर रखा है रेखा ने नाश्ता परोसते हुए पति मानव से कहा। बस वैसे ही, थोड़ी देर राजीव जी के पास खड़ा हो गया रास्ते में। शायद तुमने ध्यान नहीं दिया, वो जो सात नं वाला घर है हमारी गली में एक … Read more

हम माँ के घर मे रहते है – लतिका पल्लवी : Moral Stories in Hindi

कोमल आँगन के बीच मे बैठी  थी उसके हाथो मे मेहंदी रचाने वाली मेहंदी रचा रही थी। उसे चारो तरफ से भाभिया बहने,बुआए और मौसिया घेर कर बैठी थी।आज कोमल की मेहंदी है इसलिए सभी उससे चुहलबाजी कर रही थी। कोमल शर्माती सकुचाती बीच बीच मे उनके मज़ाक पर मुस्कुरा रही थी।उसकी बुआ की बहू … Read more

अपनी डोर किसी के हाथ नहीं देना – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

        ” मुझे माफ़ कर दीजिये डाॅक्टर सिद्धार्थ, मैं आपके इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं कर सकती।आपने जो कुछ मेरे लिये किया..मुझे यहाँ तक पहुँचाया..इसके लिये मैं सदैव आपकी आभारी रहूँगी लेकिन आपके साथ विवाह नहीं कर सकती..अब मैं..।” कहते हुए साक्षी ने नम आँखों से अपने दोनों हाथ जोड़ लिए।     ” नहीं-नहीं साक्षी, आप माफ़ी … Read more

विमला – गीतू महाजन : Moral Stories in Hindi

‘कठपुतली’ हां, यही संबोधन सुना था विमला ने अपने लिए..पूरे जीवन में न जाने कितने ऐसे नामों से उसे पुकारा गया था।बचपन की छुटकी, ससुराल की छोटी बहू, किसी की चाची और फिर बच्चा ना होने पर बांझ, बेचारी, फूटी किस्मत वाली जैसे संबोधनों से उसे पुकारा गया था और आज उम्र के इस पड़ाव … Read more

सासूमाँ के साथ उनका हुनर भी चला गया – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

         कसम से माँ जी क्या जैम बनाईं हैं आप ……मैंने तो जिंदगी में इतना टेस्टी जैम नहीं खाया ….वो भी अमरूद का …..!! आपके हाथों में जादू है माँ जी , जादू …..। अपनी सासू माँ की तारीफ करते नहीं थक रही थी रोली …… !!          सच ही तो है जया देवी को जेली , … Read more

कठपुतली – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral Stories in Hindi

******** जूही ने सोचा भी नहीं था कि उसकी जिन्दगी इस तरह बदल जायेगी। उसके जीवन से तो प्यार, स्नेह और अनुराग सब समाप्त हो गया था। उसे विश्वास नहीं हो रहा था कि वह कठपुतली से एक जीवित युवती के रूप में कैसे बदल गई? पिता की एक छोटी सी दुकान थी। बचपन से … Read more

कान भरना – चंचल जैन : Moral Stories in Hindi

“मीनू की मम्मी देखा, जब से अमित विदेश गया है, आपकी बहू उर्मी कभी इसके साथ, कभी उसके साथ खिलखिलाती घूमती है।” ” मूवी, कभी बाजार। थोडी बहुत लाज शरम है या नहीं।” ” गुडिया को दादी के भरोसे छोड जाती है। आप सब झेल लेती हो। अकेली पता नहीं कहां कहां भटकती है।” मीनू … Read more

ज़िन्दगी का मर्म – अर्चना सिंह : Moral Stories in Hindi

राजस्थान का एक जिला…”नागौर’ !  इस जिले के छोटे से गाँव परबतसर में राजन अपने परिवार के साथ रहता है । बहुत धनी सम्पन्न तो नहीं लेकिन  इतना जरूर है कि अपनी कड़ी मेहनत से परिवार का भरण – पोषण कर सके और घर आए मेहमानों को भी एक वक्त की रोटी खिला सके । … Read more

कीमत – बीना शर्मा : Moral Stories in Hindi

“अब देखो मुझे देखकर तुमने फिर से रोना शुरू कर दिया रोज-रोज मेरे सामने रोने का नाटक मत किया करो नहीं तो मैं आज के बाद तुमसे मिलने नहीं आया करूंगा” अमित अपने बड़े भाई सुमित से बोला तो सुमित दुखी स्वर में अमित से बोला “भाई तुझे मेरा रोना नाटक दिखता है अरे पत्नी … Read more

क्या तुम्हारा बच्चा अनोखा है? – रेखा सक्सेना : Moral Stories in Hindi

रीमा एक पढ़ी-लिखी, समझदार और संस्कारी लड़की थी जिसकी शादी एक बिजनेसमैन अर्जुन से हुई। अर्जुन का अधिकतर समय शहर से बाहर मीटिंग्स में बीतता। ससुराल में रीमा के साथ सास, ससुर, दो कॉलेज जाती ननदें और एक देवर रहते थे। रीमा ने कभी किसी बात की शिकायत नहीं की, ससुराल को अपना घर समझ … Read more

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