विश्वास की डोर – मीनाक्षी गुप्ता : Moral Stories in Hindi

बड़े शहर की तेज़ रफ़्तार में, जहाँ हर कोई अपनी धुन में भागा जा रहा था, वहीं एक  घर की पहली मंज़िल पर, आरोही ने अपना नया ठिकाना बनाया था। वह एक अनाथ लड़की थी ( माता पिता की एक एक्सिडेंट में मृत्यु होने के बाद दूर के रिश्तेदारों ने भी अपना पल्ला झाड़ लिया … Read more

विश्वास की डोर – के आर अमित : Moral Stories in Hindi

अब हर रोज वो गुड मॉर्निंग गुड़ नाईट का मैसेज करता। खाना खाया की नही क्या बनाया आज बगैरह बगैरह। काफी दिन तक राधा उसे नजरअंदाज करती रही मगर मैसेज पढ़ती रोज थी ये बात साकिब को पता थी। कुछ दिन बाद साकिब ने शुभरात्रि का मैसेज किया किस्मत से राधा उस बक्त ऑनलाइन थी। … Read more

हर घर की कहानी – डॉ ऋतु अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

   मोहिनी, आकर्ष को लेकर घर लौटी तो पाया कि दोनों ननदें आई हुई थीं। दोपहर के दो बज रहे थे। जब मोहिनी, आकर्ष को लेने स्कूल गई थी तब तक तो कोई भी नहीं आया था और न ही सासू माँ अंजू ने ऐसा कुछ ज़िक्र किया कि दोनों ननदें आने वाली हैं। ख़ैर, उन्हें … Read more

चट्टान – डॉ. पारुल अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

 पूरे शहर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थी।इस अवसर पर शहर के बड़े पार्क में भी एक बहुत बड़ी योग संस्था और प्रसिद्ध हॉस्पिटल द्वारा सभी आयु वर्ग के लोगों को प्रेरित करने के लिए योग प्रतियोगिता एवं मैराथन का आयोजन किया गया था। जिसमें आसपास की अन्य सोसाइटी के … Read more

सच्ची डोरियां – लतिका श्रीवास्तव

बस काठ की पुतली की तरह नाचते रहना कभी पिता तो कभी पति के इशारों पर।मुझे ऐसी जिंदगी नहीं चाहिए मां मै तो यहीं चाहती हूं मेरे इशारों पर कोई नाचे  मेरी डोर मेरे हाथों में ही रहे । प्राची की मिनमिन सुन कर मां मुस्कुरा उठी। बेटा ये नाचना और नचाना दोनों जीवन के … Read more

विश्वास की डोर – मधु वशिष्ठ : Moral Stories in Hindi

जब-जब भी माधवी घर आती थी तो सासु मां को अपनी बेटी में सारे गुण ही नजर आते थे और बहुरानी में अवगुण। घर में ही बहुत बार भाभी रीना और ननद माधवी में टकराव की स्थिति पैदा हो जाती थी। सासु मां भी माधवी के घर आने पर बुढ़ापे की बीमारियों का रोना रोने … Read more

कान भरना – सीमा सिंघी : Moral Stories in Hindi

रूही दीदी देखो सोनी ने आपकी बेग से नई पेन निकाल ली और दूसरी पुरानी पेन रख दी। यह सुनते ही सोनी तुरंत लगभग चीखते हुए आई और कहने लगी।   सोनी तुमने मेरी पेन क्यों ली?? तुम जानती हो मुझे यह सब पसंद नहीं है । मैं तो कभी भी तुम्हारी बेग से कुछ नहीं … Read more

विश्वास की डोर – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

दरवाज़े की कुंडी लगाकर वो धीमे-धीमे कमरे में आई। ऑफिस से लौटे हुए सिर्फ एक घंटा बीता था, मगर ऐसा लग रहा था जैसे एक युग बीत गया हो। बैग को टेबल पर रखने के बजाय वो फर्श पर सरका दिया। जूते वहीँ पड़े थे, एक उल्टा… एक सीधा, जैसे उसके भीतर का संतुलन। कमरे … Read more

औरत कोई कठपुतली नहीं – कमलेश आहूजा : Moral Stories in Hindi

रीना अब तुम्हारे में वो पहले जैसे बात नहीं रही, बुढ़िया लगने लगी हो अभी से।मिसेज शर्मा को देखो कैसी टनाटन लगती हैं इस उम्र में भी।कोई कह नहीं सकता,कि वो दो बड़े बच्चों की माँ हैं।” रीना को आए दिन अपने पति रमेश की व्यंग भरी बातों से दो चार होना पड़ता था।सासु माँ … Read more

स्मार्ट बंटवारा – स्वाती जैंन : Moral Stories in Hindi

मीना जी ने जब अपने दोनों बेटे बहुओं को झगड़ा करते देखा तो एक पल वे स्तब्ध रह गई क्योंकि उनके पति कर्मचंद जी को दुनिया से गए अभी छः महिने ही तो हुए थे , इतने कम समय में उन्हें अपने बेटे – बहुओं से यह उम्मीद नहीं थी , वे लोग झगड़े में … Read more

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