नालायक औलाद – करुणा मलिक
जब अपनी औलाद ही नालायक निकल जाए तो पराए घर से आई बहु का क्या कसूर.. दिवाकर बाबू अपनी पुरानी आरामकुर्सी पर बैठे थे, लेकिन आराम उनके नसीब में कहाँ था? उनकी नज़रें बार-बार दीवार पर लटकी उस घड़ी पर जा रही थीं, जिसकी टिकटिक घर के सन्नाटे को और गहरा बना रही थी। रसोई … Read more