निर्णय.. – विनोद सिन्हा “सुदामा”
मैं अपने घर की बाल्कोनी में बैठा चाय की चुस्कियाँ ले रहा था जो थोड़ी देर पहले मुझे मेरी माँ ने बनाकर दी थी वो भी अदरक डालकर… सच तो यह था कि मुझे माँ की हाथों की बनी चाय बहुत पसंद थी,मैं जब भी घर पर होता पत्नी को छोड़ मेरी माँ को ही … Read more