मायका टूरिस्ट प्लेस से भी आगे – उमा वर्मा
मायका टूरिस्ट प्लेस से भी आगे बहुत कुछ है ।यादों के खजाने में असीमित भंडार भरे पड़े हैं ।किसे याद करें किसे छोड़ दे।नहीं छोड़ देने जैसा कुछ भी नहीं है ।किसे मायका कहें? वह छःदशक पहले वाली? वह गांव देहात में खूब बडा सा हवेली नुमा घर ।जहां पूरा कुनबा समाया रहता था ।दादा … Read more