मेंहदी तेरे कितने रंग – सुषमा यादव
मुझे बचपन से ही हरी भरी मेंहदी बहुत आकर्षित करती थी, पर घर और स्कूल में सख्त मनाही थी,, हाथों को रंग बिरंगे कर के जाना,,जब बड़े हुए तो सहेलियों के संग मेहंदी के पौधे से हरे हरे पत्ते तोड़ कर लाते और मां उन पत्तियों को पीसकर अपने और हमारे हाथों में लगाती,,हम अपने … Read more