*अनुकरणीय* – नम्रता सरन “सोना
राजेश्वरी मैडम टेडी रूम मे ले गई…. वहाँ अलग अलग पालनों मे नन्हे नन्हे शिशु लेटे हुए थे… कोई अपने नन्हे नन्हे हाथ पैर हिला रहा था…कोई सो रहा था…कोई मुस्कुरा रहा था… तो कोई रो रहा था। “मिसेस सिन्हा आईए ..मै आपको बताती हूँ.. कौन बेबी है…कौन बाबा है…उम्र तो लगभग एक माह के … Read more