कोशिश – शालिनी दीक्षित

अब शादी की भागदौड़ भगदड़ सब समाप्त हो गई है, सभी रिश्तेदार अपने अपने घर जा चुके हैं। नेहा भी बहुत खुश है कि उसने कितने अच्छे से अपने छोटे भाई की शादी की सभी तैयारियां करवाई थी और अच्छे से शादी हो गई, अपने बुजुर्ग माता-पिता की आखिरी जिम्मेदारी निभाकर नेहा बहुत खुश है। … Read more

अकेली नहीं अब वह! – प्रीति आनंद

**************** “क्या लक्ष्मी, कब तक इस नाशुकरे का पेट भरोगी? निकालो घर से! तुम्हारी ज़िम्मेदारी थोड़ी है ये!” माँ की बात सुन लक्ष्मी चौंक गई। भुवन के लिए ऐसा कैसे बोल सकती हैं माँ? भुवन…. उसका देवर …. जो बेटे के समान है! आठ वर्ष पहले जब उसके सास-ससुर की ऐक्सिडेंट में मृत्यु हुई तो … Read more

जीवन – श्रीमती मणि शर्मा

“अरे ! कोई उठाओ उन्हें ,गिर गए हैं, मेधा,ओ मेधा “मम्मी की जोर जोर से चिल्लाने की  आवाज सुनकर मेधा हड़बड़ा कर कमरे  से बाहर भागी। ” क्या हुआ मम्मी? ,मेधा ने मम्मी को रोते देख पूछा। “पापा को अक्षय ने धक्का दे दिया है देखो वो गिर गए है। इसी बेटे के लिए हमने … Read more

मातृत्व का सुख – कमलेश राणा

अंजलि और राखी बहुत अच्छी सहेली थीं,,हर बात एक-दूसरे से शेयर किये बिना चैन नहीं आता था दोनों को,,   प्राईमरी से लेकर कॉलेज तक की शिक्षा भी साथ ही साथ हुई,,   अंजली की शादी एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के साथ हुई और वह बंगलौर चली गई जबकि राखी के पति बिजनेसमैन थे,,   बहुत … Read more

मां जी!! लड़के की शादी लड़के से होगी क्या? – सरगम भट्ट 

एक तो ऑपरेशन से बच्चा जनी , वह भी बेटी ! पता नहीं क्या होगा मेरे बेटे के वंश का ।। शारदा जी का यह अलाप “!!!! लगभग महीने भर से चालू था । शारदा जी अपने इकलौते बेटे ” कार्तिक ” की शादी धूमधाम से , अपनी पसंद की लड़की अंशिका से की थी … Read more

अल्हड़ इश्क़ – अभिलाषा आभा

जाने क्यों आज मुझे घड़ी की टिक टिक की आवाज बिल्कुल भी पसंद नहीं आ रही थी। मन कर रहा था की घड़ी को उतार कर फेंक दूं। अचानक घड़ी की तरफ देखते देखते मैं 3 साल पीछे चली गई और आंँखों के सामने वह सारा मंजर घूम गया,जिसने मेरी दुनिया ही बदल दी। मैं … Read more

 रईस खानदान की बहू  – Moral Story In Hindi

विपिन एक बहुत बड़े कारोबारी का बेटा था और मैं एक प्राइवेट शिक्षक की बेटी। पापा के नहीं रहने के बाद मांँ ने पापा की जगह ले ली। छोटी मोटी नौकरी करके उन्होंने हम चारों भाई बहनों को अच्छी शिक्षा दी। मैं नौकरी करना चाहती थी क्योंकि मैं अब अपनी थकी हुई मांँ को आराम … Read more

और फूल खिल गए! – ज्योति व्यास

अरे लल्ला ! यहाँ अकेले काहे बैठे हो ? वो भी इतने उदास ! क्या हो  गया? कुछ नहीं भाभी माँ !बस यूं ही। हमसे न छुपाओ। हमारे सामने नेकर पहनना भी नहीं आती थी। कल तुम्हारा ब्याह हुआ है ,आज यहाँ उदास बैठे हो और कहते  हो कुछ नहीं हुआ ! भाभी एक ही … Read more

जो जस करहिं तस फल चाखा – प्रीति आनंद

*********************** “श्रद्धा! कहाँ व्यस्त हो? कब से बोला हुआ है आँगन की धुलाई कर दो, मुझे पूजा करनी है?” “जी माँजी, प्रतीक का टिफ़िन पैक कर रही थी, उन्हें आज जल्दी निकलना है।” “तो जल्दी उठना था न? मेरे काम में ही तेरी सारी कामचोरी निकलती है!” प्रतीक दरवाज़े पर खड़ा टिफ़िन का इंतज़ार कर … Read more

हाऊस वाइफ – रचना कंडवाल 

अरे भई रीमा नाश्ता तैयार हो गया क्या? मुझे ऑफिस के लिए देर हो रही है।अमर ने बेडरूम से आवाज दी।रीमा बाबू जी को दलिया उनके रुम में दे कर बाहर आई। तो अमर ने उसे गुस्से से घूरा जल्दी से हाथ नहीं चला सकती हो। रीमा ने उसी शांत भाव से कहा अभी लाती … Read more

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