अपने पास रहना है – नीरजा कृष्णा
वो हाथ में चाय का प्याला पकड़े बैठी रह गई थी। मन में विचारों का झंझावात चल रहा था…क्या करूँ …क्या ना करूँ। दोराहे पर खड़ी वो परेशान थी…पति तो जीवन में बहुत पहले ही साथ छोड़ गए थे…दो बच्चों की जिम्मेदारी और कॉलेज की नौकरी… दोनों को बहुत कुशलता से निभाया …दोनों बेटे अपनी … Read more