अंग्रेजी बोलने पर अहंकार क्यूं? – ऋतु गुप्ता 

“हिंदी और हम हिंदुस्तानी”  काफी समय हुआ हम चारों सहेलियों (सपना,चारू, ज्योति और मैं अनु )को मिले क्योंकि आज सभी अपनी अपनी गृहस्थी में मग्न हो गई हैं, किसी को अपने घर परिवार से  छुट्टी नहीं तो, किसी को नौकरी की चक चक से। यानि पूरी तरह हम लोग भूल चुके हैं कि हमारी भी … Read more

दादीजी का श्राद्ध डे! – प्रियंका सक्सेना

कानपुर के तिलक नगर इलाके की एक पाॅश सोसायटी के सातवें माले के प्लैट में आज बड़ी हलचल है। किट्टू के मम्मी पापा बहुत सुबह उठकर नहा धो लिए थे। आठ वर्षीय किट्टू को भी नहला दिया गया था। हाउस कुक शांता आंटी भी सुबह सुबह आकर रसोई में खाना बना रही है। किचन से … Read more

हिदायत – कंचन श्रीवास्तव

दरवाजे पर खड़ी अनन्या के हाथ में  अनजबी के द्वारा पकड़ाए चाकलेट ने सन्नो के दीमाग को झकझोर के रख दिया , झकझोरे भी क्यों न ,महज चौदह वर्ष की उम्र में मां बनना अपने आप में आश्चर्य की बात होती थी उस जमाने में जब लड़कियों का मासिक धर्म ही उसी उम्र में शुरू … Read more

नई दिशा – सुधा शर्मा

करुणा खुद को विकट मानसिकता से निकालने  का प्रयास कर रही थी । क्या आसान था यह? किसी बात की भी हद होती है ।  कितना कितना सहन किया था ।होश  संभालने  से लेकर आज तक ।क्या उसकी तकलीफें कभी खत्म नहीं होगी ।   चारों तरफ देखो लडकियों  कितनी सहज जिंदगी जी रही है … Read more

मेरी बेटी रश्मि – उमा वर्मा 

मेरी बेटी रश्मि पियुष को गुजरे पंद्रह दिन हो गये ।उसने प्रतिलिपि पर कयी कहानियाँ लिखी।उसी के याद में आप सभी पाठकों से श्रद्धांजलि की आशा करती हूँ ।मेरी अवस्था भी ठीक नहीं है फिर भी—-। नन्ही सी कली मेरे आँगन में आई तो खुशियाँ भर आई हमारे जीवन में ।पापा की तो बहुत ही … Read more

उतरना नशे का –  बालेश्वर गुप्ता

 मानसी, क्यों तुम हमेशा मुझे इस प्रकार से जलील करती रहती हो, क्यों तुम्हें मुझसे एलर्जी सी हो गयी है? ये सब तुम्हें लगता है, मेरी जरा सी बात भी तुम्हे चुभती है।असल में तुम मेरे स्टेटस से जलने लगे हो। क्या बोल रही हो,तुम?मैं ,मैं तुमसे जलूंगा, तुमसे?मानसी क्या सोच बना कर रखी है … Read more

मैडम जी – गरिमा जैन

मैडम !मैडम जी गलती हो गई !माफ कर दो !गलती हो गई! “माफी माय फूट !गलती की सजा तो तुझे मिलकर रहेगी!” ” मैडम आगे से ऐसा नहीं होगा ।वह जरा सा मैं खाना खा रहा था ,बस 2 मिनट की देरी हो गई गेट खोलने में। मैडम जी माफ कर दो । तभी दूसरी … Read more

मित्रता का अपमान – पुष्पा जोशी

क्या बात है? आप बहुत परेशान नजर आ रहे हैं.कल जब से आपने वह पत्र पढ़ा है आप बहुत उदास  हैं.कल आपने ठीक से खाना भी नहीं खाया.रात को ठीक से सोए भी नहीं.किसका पत्र था? जिसने आपको परेशान करके रख दिया.सुलेखा ने अपने पति दौलतराम से पूछा. दौलतराम ने कहा- ‘मैं सोच रहा हूँ, … Read more

एक अनूठी प्रेम कथा – आरती झा आद्या

बस मुझे मेरे धवल से मिलवा दो। उसे मेरे पास ले आओ ना..उनहत्तर वर्षीय सविता खन्ना बिछावन पर लेटे लेटे बच्चों सी बोली में बड़बड़ा रही थी।  बिछावन के बगल में बैठे डॉक्टर मित्तल और ब्रिगेडियर एक दूसरे को बुझी बुझी नजरों से देख रहे थे। ब्रिगेडियर साहब.. कौन है ये धवल… डॉक्टर मित्तल पूछते … Read more

सफलता – आरती झा

रसोई घर से मां की आवाज आती है  । राकेश तुम्हें रायपुर अपनी पढ़ाई के लिए जाना है। राकेश जल्दी में तैयार होने लगता है और पिता से कहता है कि मुझे रायपुर क्यों ले जाया जा रहा है उसके पिता रामस्वरूप राकेश को समझाते हैं कि यह गांव बहुत छोटा है, क्योंकि यहां पर … Read more

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