“खुशी का मानक ” – उषा भारद्वाज
उनके चेहरे पर बहुत तनाव था ।वो अस्पताल में लेबर रूम के सामने बार बार इधर उधर घूम रहीं थीं । कितनी बार सरिता ने कहा मम्मी बेड चाहिए लेकिन हर बार उनका एक ही उत्तर रहता कि” अभी नहीं, मुझे बेचैनी हो रही है ,जब तक कि सब ठीक-ठाक मुझे पता चल जाए, और … Read more