पश्चाताप के आंसू – डॉ अंजना गर्ग

पूर्णिमा और उसकी पड़ोसन शीला दोनों अपनी मृत्यु के बाद यमराज के सामने पहुंच गई। यमराज ने अपना वही खाता खोला। कुछ पढ़ा और सेवकों को कहा, “इसे 36 नंबर कमरे में ले जाओ।” पूर्णिमा खुश थी कि उसने तो बहुत दान पुण्य किया है इसलिए अच्छी जगह ही यमराज ने उसे भेजा होगा। फिर … Read more

एक अनसुलझा रहस्य – आरती झा

सुधा टीचर थी उसे छुट्टी नहीं मिल रही थी ।बहुत मुश्किल से उसे 1 दिन की छुट्टी मिली ।उसने अपने पति अनिल से भी छुट्टी लेने कहा प्राइवेट नौकरी में छुट्टी कहां मिलती है दोनों को बहुत मुश्किल से छुट्टी मिलती है घर में बहुत सारे कार्य थे। बेचारा नन्हा सा राकेश उसे कुछ समझ … Read more

न्यू जेनरेशन – जया पांडे

बहुत दिनों से पिया एक ब्रेक की तलाश में थी। स्कूल की नौकरी,घर के काम, बच्चों की समस्याएं ,कुल मिलाकर कुछ समय के लिए इन सब कामों से दूर जाना चाहती थी। अचानक एक दिन दोपहर को उसकी छोटी बहन रिया का फ़ोन आया दीदी क्या कर रही हो,चलो लंच कहीं बाहर करतें हैं।मै रोज़ … Read more

सबसे बड़ा धोखा- सांसें – संजय अग्रवाल

सांसे थमने वाली हैं। अटक अटक कर आ रही है, गले से घर्र घर्र की आवाज निकल रही है। आंखों के कोर से आंसू धीमे धीमे बह रहे हैं। चैतन्य तो हूँ मगर इतनी भी नही की जो से आवाज देकर किसी को बुला सकूँ। और सुनेगा भी कौन? यहां है ही कौन? सालो से … Read more

संतान पालो पर उम्मीद मत पालों – डॉ. पारुल अग्रवाल

राजेंद्र जी और मनोहर जी बहुत अच्छे दोस्त थे। बचपन से लेकर जवानी तक का साथ रहा। अब उम्र के सांध्य काल में भी एक-दूसरे से गहरी बनती थी। मनोहर जी कई दिन से महसूस कर रहे थे कि राजेंद्र जी बहुत गुमसुम से हैं।दो तीन तक तो उन्होंने सोचा कि राजेंद्र जी खुद ही … Read more

दहलीज पार करा दो-  भाग-2 – रीमा ठाकुर

अन्नू दरवाजे तक पहुंची ही थी की आभा की धीमी सी आवाज सुनायीं दी” संजय प्लीज गोलियों का असर है, नींद आ रही है सोने दो!  ये रोज रोज के नखरे मेरी समझ से बाहर है, दुनिया में और भी औरते है तुम कोई अकेली नही हो,  संजय ने शायद आभा को झिडक दिया था!  … Read more

रजस्वला – स्मिता सिंह चौहान

क्या सुमि हर तरफ सामान बिखरा पड़ा है तुम्हारा।कम.से कम.समेट तो लिया करो।”राहुल ने सुमि के बैड से कपड़े उठाते हुए कहा। “कर लूंगी यार ,अभी कुछ मत बोलो।अभी पेट में बहुत जोर से दर्द हो रहा है।”कहते हुए सुमि पेट को कसकर पकड़ते हुये लेट गयी। “अब ये तो तुम्हारा हर महीने का है।पहले … Read more

परवरिश – स्मिता सिंह चौहान

अरे,जैसा अपने मायके से सीखकर आयी होती है ।वैसा ही तो ससुराल में करेंगी।”कहते हुए मिसेज शर्मा ने ,मिसेज गुप्ता को देखा। “सुरभि जरा समोसे और तलकर ले आना।”अपनी ठोडी को अकड़ वाले अंदाज में ऊपर करते हुए किचन की तरफ देखकर बोली। मिसेज शर्मा ने आज अपनी कुछ दोस्तों को चाय पर बुलाया था।अब … Read more

उपहार – संजय मृदुल

सुनो जी! इस दीवाली पर दूज के दिन भैया का जन्मदिन भी है कुछ अच्छा लेना है उनके लिए। अनु ने विनय से कहा। क्यों? पीछे से निलय की आवाज आई। क्यों गिफ्ट लेना है उनके लिए। साल में तीन बार तो ऐसे भी देते ही हो गिफ्ट। बदले में वो क्या देते हैं हम … Read more

जिंदगी गुलज़ार है – सुषमा यादव

***करोना बना वरदान**** ,,  ये जिंदगी मिलेगी ना दोबारा, मैं इसे खोना नहीं चाहती मैं इसे जीना चाहती हूं जी भर कर जीना चाहती हूं * क्यों कि,,,, *ये जिंदगी मिलेगी ना दोबारा *** ,, ज़िंदा दिल ही तो जीते हैं,, मुर्दा दिल क्या ख़ाक जीतें हैं ,,,   पिछले करोना काल में मैं भी … Read more

error: Content is protected !!