सजा – आरती झा”आद्या”
खिलखिलाने और हवा में गुँजती हँसी सुनकर रात्रि के मध्य पहर में राघव की नींद खुल जाती है। हमेशा के लिए लंदन में बस चुका राघव आज पच्चीस साल के बाद अपनी पत्नी रोजी के साथ अपनी हवेली में विवाह की पच्चीसवीं सालगिरह का आयोजन करने उसी दिन गाँव आया था। बगल में गहरी नींद … Read more