सजा – आरती झा”आद्या” 

खिलखिलाने और हवा में गुँजती हँसी सुनकर रात्रि के मध्य पहर में राघव की नींद खुल जाती है।  हमेशा के लिए लंदन में बस चुका राघव आज पच्चीस साल के बाद अपनी पत्नी रोजी के साथ अपनी हवेली में विवाह की पच्चीसवीं सालगिरह का आयोजन करने उसी दिन गाँव आया था।  बगल में गहरी नींद … Read more

अंधेरी रात – अनीता चेची | Moral Story In Hindi

यह कहानी 17 वर्षीय नवविवाहिता स्त्री की है। जो जीवन परिवर्तन से तंग आकर आत्महत्या करने की कोशिश करती है। हजारों सपने आंखों में लिए रोशनी की अभी नई नई शादी हुई है। ससुराल में चार जेठ जेठानी,  उनके बच्चे, सास-ससुर सभी हैं। भरा पूरा परिवार है। यह देखकर रोशनी बहुत खुश होती है। क्योंकि … Read more

अपशकुन – पिंकी नारंग |  Short Hindi Moral Story

बेटे मोहित की शादी को अभी कुछ वक़्त ही तो हुआ था और पति ललित का यूँ अचानक से चले जाना श्यामा तो टूट ही गयी थी। अचानक हुए इस हादसे ने मृदुभाषी श्यामा को इतना कठोर बना दिया था की कड़वाहट और तल्ख़ी उसके जीवन के साथ उसके व्यक्तित्व और जुबा का हिस्सा भी … Read more

दादा,दादी का सच्चा प्यार – के कामेश्वरी

सुगता की शादी आकाश के साथ तय हो गई थी । फ़रवरी में शादी की तिथि भी तय कर दिया गया था  । दादी की चहेती पोती थी । इसलिए दादी हमेशा उसे अपने आँखों के सामने ही रखती थी । अब तो दो महीनों में चली जाएगी इसलिए दादी ने सबको वार्निंग दे दी … Read more

मानसिक क्लेश – भगवती सक्सेना गौड़

एक दिन रवीना अपनी सहेली शमा के घर गयी, वहां शमा ने मोबाइल में एक फोटो दिखायी, फ़ोटो देखते ही, रवीना कुछ सोच में पड़ गयी। कंही देखा है, पर याद नही आ रहा। दिमाग पर जोर दिया तो ध्यान आया, ये तो दादी की फ़ोटो लग रही, जो मुझे मेरे चार वर्ष की उम्र … Read more

एकाकी जीवन – कमलेश राणा

विनीत छः बहनों का इकलौता भाई है,, पिता गिरीश बाबू रेंजर हैं,, हमेशा जंगल में ही जीवन बीता उनका,, बच्चों की पढाई लिखाई में किसी तरह की बाधा न आये,, इसीलिये उन्होंने परिवार को हमेशा शहर में रखा,, सबके होते हुए भी एकाकी जीवन जीने को मजबूर थे वो,, वैसे हर काम के लिए चपरासी … Read more

 नींव – विनय कुमार मिश्रा

बड़े ताऊ एक अटैची लिए बड़ी उदास होकर अपने बड़े से मकान से निकल गाँव के ही एक चबूतरे पर बैठ गए। जहां से कुछ ही दूर पर आने जाने के लिए बसें भी रुकती हैं। सामने सड़क सुनसान थी।परेशान हो वो चारो तरफ नज़रें घुमा कर जैसे पूरे गाँव को देख रहे हों। अब … Read more

प्यारा सा फरेब – बालेश्वर गुप्ता

 इतना बड़ा छ्ल, मुन्ना तुमने हमारे विश्वास को ठगा है।कितने अरमान से तुम्हे शहर भेजा पढ़ने, और तुम अरे कुछ तो सोचा होता?     पापा-पापा, मैंने ऐसा कुछ भी नही किया है जिससे आप का सर झुके।मुझे अपनी बात कहने का अवसर तो दो।       नही नही, मुझे कुछ भी नही सुनना।अरे मुन्ना क्या ये दिन देखने … Read more

 धोखा – गरिमा जैन 

मैं आपको धोखा नहीं दे सकती लता ओ लता सुन जरा “जी मेम साहब “ “तूने अभी झाड़ू पोछा किया है ना!” ” जी मेम साहब, अच्छे से किया है । डस्टिंग भी कर दी है।” ” अच्छा यह बता तुझे झाड़ू पोछा करते वक्त मेरी एक हीरे की अंगूठी तो नहीं मिली!!” ” नहीं … Read more

आ,अब लौट चलें” – नीति सक्सेना

वसुधा के सिर में पिछले तीन दिन से  बहुत दर्द हो रहा था।दर्द की दवा भी खा चुकी थीं पर कोई फायदा नहीं हो रहा था।डिजिटल ब्लड प्रेशर नापने वाले यंत्र से ब्लड प्रेशर नापा तो काफी बढ़ा हुआ निकला।इसका मतलब जो ब्लड प्रेशर वाली दवा वह खा रही थीं,उसका असर नहीं हो रहा था।बेटे … Read more

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