प्रायश्चित – पुष्पा जोशी

सुनीता जी बड़ी खुश थी और उनकी खुशी का कारण यह था कि उनके छोटे बेटे अमित का विवाह बहुत अच्छे ढंग से हो गया था और वह पिछले कुछ दिनों से अमित की शादी की वजह से बहुत ही व्यस्त थी।सारे रिश्तेदार भी खुशी-खुशी जा चुके थे और लड़की वालों ने भी बारातियों का … Read more

यह तो वक्त ही बताएगा कि बहुएं हसाएंगी यां रुलाएंगी  – गीतू महाजन

सुनीता जी बड़ी खुश थी और उनकी खुशी का कारण यह था कि उनके छोटे बेटे अमित का विवाह बहुत अच्छे ढंग से हो गया था और वह पिछले कुछ दिनों से अमित की शादी की वजह से बहुत ही व्यस्त थी।सारे रिश्तेदार भी खुशी-खुशी जा चुके थे और लड़की वालों ने भी बारातियों का … Read more

वक्त़  –   अनामिका मिश्रा

राधिका और राहुल एक ही कॉलेज में पढ़ते थे। राधिका की राहुल से अच्छी दोस्ती थी और राधिका दिल ही दिल में उसे चाहने लगी थी। राधिका एक साधारण सी लड़की थी कॉलेज में रितिका नई नई आई थी। बड़े घराने की थी,अलग ही दिखती थी रितिका। धीरे-धीरे राधिका ने देखा राहुल रितिका की ओर … Read more

  वक़्त करवट बदलता है –  के कामेश्वरी

प्रतीक और प्रज्वल दोनों एक ही जगह नौकरी करते थे और अच्छे दोस्त बन गए थे। एक-दूसरे के घर आना-जाना खाना पीना और साथ मिलकर घूमने जाना भी करने लगे थे । इस बीच प्रज्वल ने नोटिस कि प्रतीक बहुत ही आलसी हो गया है और पैसे भी ख़ूब कमाने लगा था। दो तीन बार … Read more

वक्त वक्त की बात है – सुभद्रा प्रसाद

“धीरज बाबू,   साहब आपको अपने कक्ष में बुला रहे हैं |” कार्यालय का आदेशपाल धीरज बाबू से बोला |           “नये साहब आ गए, क्या? ” धीरज ने पूछा |            “हाँ, कल ही आये हैं |आप दो दिन से छुट्टी पर थे ना |कल ही सारे कर्मचारियों से उन्होंने मिल लिया | आप आज मिल … Read more

“वक्त का मिजाज” – डॉ अनुपमा श्रीवास्तवा

 प्लेन को जमीन पर उतरने में अभी दस मिनट बाकी था लेकिन माही अपना खिलौने वाला बैग सम्भाल पहले ही उतरने के लिए तैयार थी। जब से उनलोगों ने सफर शुरू किया था तब से वह माता -पिता से सैकड़ों बार पूछ चुकी थी कि वह अपने दादी के गाँव कब पहुंचेगी। उसे अपनी दादी … Read more

ड्रेस कोड – लतिका श्रीवास्तव 

साब पेपर…..सुनते ही वहीं परिसर में मॉर्निंग वॉक करते हुए विशाल ने जैसे ही दरवाजे पर पड़ा पेपर उठाया ….. साब सलाम आप नए आए हो आते ही आपका फोटू छप गया है  पेपर में ….देखो…और विशाल के पेपर खोल कर देखने तक वहीं खड़ा रहा था वो ….फोटो देख कर विशाल के चेहरे पर … Read more

प्यार एक खूबसूरत एहसास – डॉ. पारुल अग्रवाल

आज तन्वी और आकाश की शादी थी।तन्वी बहुत ही सुंदर दुल्हन बनी थी। वो सज धज कर अपने दुल्हे का इंतज़ार कर रही थी। अभी बारात के आने में थोड़ा समय था। तन्वी को तो विश्वास ही नहीं हो रहा था कि आकाश दुल्हे के रूप में उसको मिलेगा पर वक्त बदलते देर नहीं लगती। … Read more

‘ बुरा वक्त ‘ – विभा गुप्ता

 ” ये वक्त भी ना,मुझसे ही इसे सारी दुश्मनी निकालनी थी।कितने आराम से मैं टाँग पसारकर बैठा रहता था,अब दिन-भर खटना पड़ता है..।” बड़बड़ाते हुए मनीष ने अपने जूते खोले, रैक पर रखे और खाना खाकर सोने चला गया।पीछे से पत्नी ने कहा,” सुनो तो..”      ” अभी नहीं, आज बहुत थक गया हूँ।” कहकर उसने … Read more

वक़्त के बदलते रिश्ते। – रश्मि सिंह

सुधा-प्रदीप, पंडित जी आ गये है, जाओ बुआ, चाची सब को पूजा के लिये बुला ला। प्रदीप-बुआ तो मानसी दीदी के यहाँ गयी है और चाची थोड़ी देर में आएँगी। सुधा-ठीक है, थोड़ा इंतज़ार कर लेते है। पंडित जी- पूजा का शुभ मुहूर्त आरंभ हो चुका है, इसमें विलंब ठीक नही। सुधा-ठीक है पंडित जी … Read more

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