बच्चे की समझदारी – कांता नेगी 

रीमा एक पढ़ी-लिखी नवयुवती थी।उसका छोटा-सा परिवार था।वह और उसका पति रीतेश एक ही आफिस मे काम करते थे,घर में सास-ससुर थे।जब वह ब्याह कर आयी काफी खुश थी।सास-ससुर का खूब सम्मान करना पर जब से ससुर को दिल का दौरा पड़ा,उसके स्वभाव में बदलाव आ गया था। रीतेश को उसके पिता ने काफी मेहनत … Read more

दाई माँ – ऋतु गुप्ता

कैसी हो बहुरिया,अब  कौन सा महीना चल रहा है ,बताओ तो.. सोसायटी में सफाई करने आती परसन्दी काकी ने कुछ ही समय पहले रहने आये रितेश की पत्नी रीमा से पूछा… रितेश और रीमा को लगभग 1 वर्ष हो गया था, बिहार के गांव से यहां शहर आए।रितेश यहां किसी कंपनी में कार्यरत है, उसके … Read more

एक सच एक भूल –   सुधा शर्मा

अभी अभी रीमा का फोन आया कि वह अपनी माँ के पास चली आई है।हमेशा के लिए । सीमा के घर से थोड़ी दूर ही था उसका घर । उसका मन नहीं माना वह उसी समय रीमा से मिलने पहुंच गई । रीमा उसे देख कर भावुक हो गयी ।कहने लगी,’ अब  सब कुछ खत्म … Read more

क्यों संदेह के कटघरे में हमेशा औरत ही खड़ी की जाती है – गीतू  महाजन

संध्या दफ्तर से निकली तो रात की सब्ज़ी के लिए सोचते हुए वह मेट्रो से उतर  सब्ज़ी मंडी की तरफ मुड़ गई।वहीं से हफ्ते भर की सब्ज़ियां इकट्ठी लेकर घर आई तो नीचे पास वाले घर में आई नई पड़ोसन मृदुला मिल गई।मृदुला के साथ बातचीत करते हुए उसे 10 मिनट ही बीते होंगे कि … Read more

रिक्त स्थान (भाग 11) – गरिमा जैन

जितेंद्र से बिछड़े रेखा को पूरे 24 घंटे बीत चुके थे ।यह 24 घंटे बिताना रेखा के लिए आसान नहीं था ।उसे पल-पल जितेंद्र के कहे हुए एक-एक शब्द याद आते ” रेखा मेरे जीवन में पड़े रिक्त स्थान को भर जाओ, रुक जाओ ,रुक जाओ रेखा,” रेखा अपने कान बंद कर लेती है। उसका … Read more

रिक्त स्थान (भाग 10) – गरिमा जैन

रेखा गहरी नींद सो रही थी तभी अचानक उसके फोन की घंटी बजती है। कमरे में बिल्कुल अंधेरा था शायद बाहर रोशनी भी नहीं हुई थी।वह समझ नहीं पाती कि आखिर समय क्या हो रहा होगा और इतनी रात में कौन कॉल कर रहा होगा। मोबाइल में टाइम देखती है तो सुबह के 5:00 बज … Read more

रिक्त स्थान (भाग 9) – गरिमा जैन

अगले दिन सुबह सुबह रेखा की घर की घंटी बजती है रेखा भागते हुए दरवाजा खोलती है “यह रूपा ही होगी वही लगातार घंटी बजा बजाकर मुझे सांस भी नहीं लेने देती। रुक जा रूपा की बच्ची अभी बताती हूं तुझे” रूपा उछलते हुए अंदर आती है उसके हाथ में अखबार था। “देख रेखा पेज … Read more

रिक्त स्थान (भाग 8) – गरिमा जैन

हेलो रेखा मैम, मैंने आपको यह बताने के लिए फोन किया था कि अगले हफ्ते शनिवार की शाम रेडिसन होटल में आपकी लॉन्च पार्टी का आयोजन किया गया है ।इससे जुड़ी कुछ विशेष बातें हैं जिसकी जानकारी आपको ऑफिस में दी जाएगी। आज आपको ठीक 1:00 बजे ऑफिस पहुंच जाना होगा । हमारे सारे एक्सपर्ट … Read more

रिक्त स्थान (भाग 7) – गरिमा जैन

रेखा अपने कमरे में बैठी ना जाने क्या-क्या सोच रही थी। उसके दिन भर की सारी खुशी जैसे काफूर हो गई थी ।उसे बहुत बुरा लग रहा था उस खबर के बारे में सोच के जो इस समय लगभग सारे न्यूज़ चैनल दिखा रहे थे ।तभी कमरे में आती है रूपा, रूपा को देखकर रेखा … Read more

रिक्त स्थान (भाग 6) – गरिमा जैन

आज रेखा के फोटो शूट का पहला दिन है। वह बहुत घबराई हुई है ।ऑफिस से लगभग 15,20 मिनट की दूरी पर एक स्टूडियो है जहां पर शूटिंग होनी है । स्टूडियो एक काफी ऊंची बिल्डिंग के दसवें माले पर है । रेखा को डर है कि वह कैसे कैमरे को फेस कर पाएगी ।बचपन … Read more

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