बहू – डाॅ संजु झा

अपने एकलौते बेटे की चिन्ता में उमाजी के दिल और दिमाग में शून्यता गहराती जा रही थी।उनका मन इतना उद्वेलित था कि कोई भी काम नहीं कर पा रही थीं।अचानक से फोन की घंटी उनके मन के सन्नाटे को चीरते हुए बज उठती है।घंटी की आवाज सुनकर उनकी बहू रोमा कहती है-” माँजी!फोन उठा लेना।मैं … Read more

 ” सक्षम बहू ” – सीमा वर्मा

तब हमारे पतिदेव का नया- नया तबादला दिल्ली शहर में  हुआ था। मैं इसे संयोग ही कहूंगी,  रेंट पर रहने के लिए मकान ढूंढ़ती हुई मैं मोहिनी के नगर-मुहल्ले वाली कालॅनी में जा पहुंची थी। जहां एक छोटे से घर के दालान पर खड़ी हुई उस मोहक सूरत और बड़े दिलवाली, फर्राटे से खड़ी बोली … Read more

चरित्र का प्रमाण पत्र – आरती झा आद्या

नहीं श्यामा तुम समझती क्यूं नहीं…हमारी शादी नहीं हो सकती है…राघव हॉस्पिटल के कैंटीन में बैठा डॉक्टर श्यामा से कहता है। पार क्यूं डॉक्टर राघव…श्यामा को जब भी राघव की बात बुरी लगती वो उसे इसी तरह संबोधित करती। ओह हो श्यामा… तुम नाराज मत हो प्लीज। मेरी मां के साथ नहीं रह सकोगी तुम … Read more

अग्निपरीक्षा – डॉ. पारुल अग्रवाल

आज सोनाक्षी को उसकी सास दमयंती जी और पति पुलकित बहुत अनुनय-विनय के साथ अपने किए की माफी मांगते हुए वापिस ले जाने आए थे। वैसे तो सोनाक्षी का उनसे मिलने का भी मन नहीं था पर अपने संस्कारों की वजह से वो घर आए मेहमान का अपमान नहीं करना चाहती थी। वो बेमन से … Read more

बहू ने ना बोलना सीख लिया!! – सीमा सिंह

शादी के बाद हर लड़की का अरमान होता है की वो ससुराल में अपने मायके की तरह रहे….पुरा ना सही पर थोड़ा सा ही।पर ऐसा कुछ नहीं होता है…. अरमान अरमान ही रह गए। आज कल बहु ज्यादा बोल दे तो बहुत बदतमीज है।कम बोले तो गुगी है। कुछ ना बोलो तो सबसे संस्कार वाली … Read more

बच्चों ने दी संस्कारों की सीख – शुभ्रा बैनर्जी

आज संगीता जी के यहां किटी पार्टी का आयोजन था।वह ख़ुद बहुत अच्छा खाना पका लेतीं थीं। मेहमानों को खुश करने के चक्कर में,आज उन्हें अपने हांथ के खाने के स्वाद में त्रुटि दिखने लगी।सामने मेज पर विभिन्न पकवान सलीके से सजाकर रखे हुए थे। स्टार्टर,मेन कोर्स और डेज़र्ट्स पंक्ति बद्ध रखें गए थे,जो मेजबान … Read more

पुष्पा निवास – नीलिमा सिंघल

पुष्पा निवास को कन्हैयालाल जी ने बहुत दिल से बनवाया था और नाम अपनी जीवन संगिनी पुष्पा के नाम पर रखा था जिन्होंने जिंदगी के सारे उतार चढाव मे सारी जिम्मेदारियों मे हमेशा कन्धे से कन्धा मिलाकर साथ दिया,,,,उनके चार बच्चे थे,,3 बेटे और 1 बेटी,, सभी के विवाह पुष्पा जी ने अपने हिसाब से … Read more

” ऐसी बहू हर जनम में मिले ” – अमिता कुचया

औरत कितनी भी पढ़ी लिखी हो, पर परिवार का वंश बढ़ाने के लिए पोता की चाह तो रखती ही है।ऐसी ही कहानी नीना की हैं ,जो कि नीना पढ़ी लिखी है ,और बहू भी सर्विस वाली है ,बहू भी बेटे की पसंद की है। फिर  भी नीना पर पड़ोस और रिश्तेदारों की बात का असर … Read more

बहू भी घर की बेटी है – अमिता गुप्ता “नव्या”

मां आपके लिए चाय लाऊं या काफी… रोशनी ने अपनी सासू मां से पूछा। कुछ नहीं बेटा, तुम रुको मैं बनाती हूं, रोशनी का हाथ पकड़ कर रेखा जी ने रोशनी जी ने कुर्सी पर बैठा दिया। अरे मां…आप भी कैसी बात करती हैं, मैं कह रही हूं न मैं बनाती हूं। नहीं-नहीं बेटा तुम … Read more

सास भी कभी बहू थी  –  किरण केशरे

आज ऑफिस से निकलते हुए सलोनी को काफी देर हो गई थी, अचानक ही बॉस ने अतिरिक्त कार्य सौंप दिया, उन फाइलों को निपटाते रात के साढ़े सात बजने को आ गए थे, वह सोच रही थी, नमन भी घर आ गए होंगे। सास और ससुर जी की चिंता भी अलग होने लगी ! शाम … Read more

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