दोस्ती पर दाग !! – अंजना ठाकुर : Moral stories in hindi

शशि इस बार दो साल बाद मायके आई थी टैक्सी से उतरते समय अनायास उसकी निगाह सामने वाले घर की तरफ चली गई सामने एक सुंदर लड़की बालकनी मैं चाय पी रही थी शशि के चेहरे पर उदासी की लकीरें आ गई और नम आंखों से वो घर आ गई मां से पता चला की … Read more

ये दाग अच्छे हैं…. – रश्मि प्रकाश : Moral stories in hindi

“ माँ माँ जल्दी से यहाँ आओ … ये देखो क्या हो गया है ?” आठ साल की कुहू सुबह अपने बिस्तर की ओर इशारा करती हुई अपनी माँ से बोली  पोती की आवाज़ सुन सुनयना जी भी कमरे में आ गई…. “ कुछ नहीं हुआ बेटा… ये दाग अच्छे हैं बस ज़रा थोड़ा रूक … Read more

निर्मोही – नमिता अनुराग : Moral stories in hindi

काम करते-करते मैं बड़बड़ाती जा रही थी, ‘इस लड़के से कुछ कहना ही बेकार है। ज़रा से काम के लिए कितनी बातें सुनाता है। बिलकुल ऐसे बात करता है जैसे मुझसे भी बड़ा हो। सही बात है, इसे बिलकुल मोह नहीं है किसी से।’ छोड़ो, मैं भी किसके पीछे पड़ी हूँ । आने दो तानी … Read more

भत्ता – संजय अग्रवाल : Moral stories in hindi

अजित और शिखा का तलाक का मुकदमा तीन साल से चल रहा था। आज फैसले का दिन है।अब ये न पूछियेगा तलाक की नोबत क्यों आई। आजकल अधिकतर शादीशुदा जोड़ो के साथ जो परेशानियां है वही इनके साथ भी थी। एक तो लवमैरिज, दूसरे परिवार से दूर मेट्रो की आपाधापी जद्दोजहद वाली लाइफ, और सबसे … Read more

अभागन – डॉ. संगीता अग्रवाल : Moral stories in hindi

मेडिकल कॉलेज का पहला दिन था आज मेघा का,उसका एडमिशन इतने प्रतिष्ठित कॉलेज में हो गया था और वो बिलकुल सामान्य थी,कोई और होता तो खुशी से झूम उठता।अखिल बहुत देर से उसे यूं उदास देख रहा था,मेघा,मेरिट से चुने गए लोगों में प्रथम स्थान पर थी और अखिल द्वितीय पर,उसे लगा चलो! उसे बधाई … Read more

 सुरक्षा घेरा – पुष्पा जोशी : Short Moral Stories in Hindi 

अविनाश ने दो टूक जवाब दिया- ‘तुम और आर्ची पार्टी में नहीं जाओगी, यह मेरा फैसला है। ‘ और वह ऑफिस के लिए निकल गया। चारूदत्ता सन्न रह गई। आखिर क्या हो गया है अविनाश को? पार्टी में जाने के लिए मना कर दिया। कितनी उत्सुक थी, वह और आर्ची  मिस्टर डिसूजा और उनके परिवार … Read more

रविवार की छुट्टी (हास्य) – रेखा जैन : Short Moral Stories in Hindi

आज रविवार है।  हर रविवार को पति और बच्चों की छुट्टी होती है और उन लोगो की छुट्टी होने से मेरा रविवार सब दिनों से ज्यादा बिजी जाता है।   पति देव के हर दो घंटे में चाय की फरमाइश और उस पर तुर्रा ये कि सिर्फ चाय नहीं चलेगी,,,साथ में पकोड़े या पॉपकॉर्न भी चाहिए। … Read more

 नानी की OPD – रमन शांडिल्य : Short Moral Stories in Hindi 

“मम्मा सुनो…” अखबार देखते हुए मैंने जोर से पुकारा। “अरे इतना जोर से क्यों बोल रहे हो। तुम्हारे साथ ही तो खड़ी हूं, सुशांत।” मम्मी ने डाइनिंग टेबल से ब्रेकफास्ट के बर्तन उठाते हुए कहा । “देखो, देखो मम्मा, कितनी अच्छी बात है न, कि आज फिर रवि मामा की फोटो अखबार में छपी है। … Read more

चुप्पी‌ का राज – संगीता श्रीवास्तव : Short Moral Stories in Hindi

”  पुरूष! पुरूष हो तुम! पुरुष होने का दंभ भरते हो ? मेरी जिंदगी को बर्बाद करके क्या मिला तुम्हें? क्या फर्ज किया पति होने का, बताओ तो सही? पत्नी हूं तुम्हारी!! क्या समझ रखा है मुझे, अबला! अबला जरूर हूं लेकिन तबला नहीं जिसे जैसे चाहो ,जब चाहो, बजा दो। मैं चुप नहीं रहूंगी … Read more

घमंडी – उषा शर्मा : Short Stories in Hindi

शोभा एक सरल स्वभाव की और सुलझे हुए विचारों वाली लड़की जो किसी को अपने से छोटा नहीं मानती , इन्हीं कारणों से वह सबसे अच्छी तरह घुल मिल जाती  । आस पड़ोस के लोग उससे खुल कर बातें करते । उसकी शादी एक बड़े परिवार में हुई । शादी के बाद उसने अपनी ससुराल … Read more

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