दाग- वीणा सिंह : Short Stories in Hindi

फल्गु नदी के तट पर मैंने क्यों बुलाया तुम्हे अपना फ्लैट होते हुए भी यही सवाल तुम मुझसे पूछना चाहते थे कुणाल!                   तो सुनो ये वही जगह है जहां सीता माता ने झूठ बोलने पर श्राप दिया था.. ये नदी श्रापित है.. मान्यता है की यहां पिंडदान करने पर पूर्वज सीधे स्वर्ग जाते हैं… … Read more

वक्त बदल गया – मंगला श्रीवास्तव : Short Stories in Hindi

Short Stories in Hindi : आ गई महारानी जी अरे बाहर से इतनी देर से काम करके आओगी तो घर का काम क्या तुम्हारी माँ करेंगी आकर, बेचारा मेरा बेटा आज गिर गया कितनी चोट आई उसको पर तुमको क्या करना ? तुमको उसकी कोई परवाह तो है नहीं वह तो अच्छा है हम लोग … Read more

कच्ची उम्र की मोहब्बत – हरीश कंडवाल:romantic story in hindi

romantic story in hindi अमित देहरादून बस अड्डे पर दिल्ली वाली वाल्वो बस में बैठा, लगभग सभी सीटें भरी हुइ हैं, आखिरी सीट से पहले की सीट पर लगभग 18 साल की युवती बैठी हुई है, उसके बगल वाली सीट खाली है, परिचालक ने अमित को कहा कि आप उस सीट पर बैठ जाईए, अमित … Read more

“बातों ही बातों में” – ऋतु गुप्ता : Short Moral Stories in Hindi

Short Moral Stories in Hindi अले अले बाबा ! ये आप अभी क्या कर रहे हो,देखो आपके कपड़ों पर कितने दाग लग गये है,आपके सारे कपड़े गन्दे हो गये है,पर आप ये जूठी जामुन की गुठली मिट्टीं में क्यूं दबा रहे हो, नन्हे से चुन्नू ने अपनी तोतली जुबान में अपने बाबा से जब ये … Read more

चरित्रहीन – हेमलता गुप्ता : Short Moral Stories in Hindi

आ गई .. बेहया.. घर का नाम डूबा के? हे राम.. इस जन्म में भी यह सब देखना बाकी रह गया था क्या? ऐसे दिन दिखाने से पहले मुझे उठा लेता भगवान!… ऐसी चरित्रहीन बहू पल्ले बांध दिए कि ना उगलते बन रहा है ना निगलते बन रहा है! मेरी तो किस्मत ही खराब है!! … Read more

दाग – उमा वर्मा : Short Moral Stories in Hindi

सीमा स्कूल से आकर चुप चाप अपने कमरे में बन्द हो गई ।” सीमा, दरवाजा खोल बेटा, खाना तो खा ले” माँ ने पुकारा तो भी वह कमरे में बन्द ही रही।माँ ने सोचा थक गयी होगी, थोड़ी देर में आराम कर लेगी तो खुद ही खा लेगी। लेकिन जब शाम तक वह कमरे से … Read more

दाग अच्छे हैं – स्नेह ज्योति : Moral stories in hindi

रणजीत जी मेहूल कुर्सी ढंग से लगाना और खाने का इंतज़ाम अच्छे से करना । अपनी बीवी को बोलना जरा अपने ग़ुस्से पे पकड़ बना के रखे । बहुत समय बाद मेरी बेटी के लिए कोई रिश्ता आया है । ख़ाना पीना सब अच्छे से होना चाहिए । सुनो जी ! बाबू जी तो ऐसे … Read more

हंसते ज़ख्म – शिप्पी नारंग : Short Stories in Hindi

 गर्मी के मारे गला सूख रहा था इधर उधर नजर दौड़ाई तो एक रेस्टोरेंट नजर आया और मैं लपक कर घुसी और एक जगह खाली पाकर बैठ गई और फिर याद आया सुबह से कुछ खाया नहीं है तो एक नींबू पानी और सैंडविच का ऑर्डर देकर अपना मोबाइल चेक करने लगी तभी एक खुशबू … Read more

गूंगी मां – शुभ्रा बैनर्जी : Short Stories in Hindi

राधा गरीब मां-बाप की बेटी थी और गरीब घर में ही ब्याही गई।पति रमेश पढ़ाई नहीं कर पाए थे,पिता को लकवा मार देने के कारण।राधा शादी से पहले साड़ी के शोरूम में नौकरी करती थी।एक रिश्तेदार की शादी में सास ने उसे पसंद कर लिया था अपने बेटे के लिए। रमेश तब हैदराबाद में किसी … Read more

Short Moral Story In Hindi

“खजाना” :  Short Hindi Story with Moral रामदीन आज सवेरे सवेरे ही अपना रिक्शा लेकर निकल गया था, आज उसने ठान लिया था की शाम तक थोड़े अधिक रुपए लेकर ही जायेगा चाहे उसके लिए जी तोड़ मेहनत ही क्यों ना करनी पड़े…गर्मी भी अपनी चरम पर है, गेहूं कटाई के बाद अनाज गोदामों में … Read more

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