रिक्त स्थान (भाग 20) – गरिमा जैन

जिंदगी धीरे-धीरे पटरी पर आ रही है ।रेखा और जितेंद्र के स्वास्थ्य में काफी सुधार हो चुका है। अगले हफ्ते से रेखा को फिर से जितेंद्र की कंपनी में काम करने जाना है। उसके फोटो शूट होंगे ,नया ऐड कंपेन भी लॉन्च होगा ।रेखा थोड़ी घबराई हुई है। क्या वह पहले की तरह काम कर … Read more

रिक्त स्थान (भाग 19) – गरिमा जैन

पता है रेखा मैं ,पूनम, स्वाति, नैना सब बचपन में एक साथ, एक ही स्कूल में पढ़ते थे । नैना हमारे ग्रुप में नहीं थी लेकिन हमारी अच्छी दोस्त जरूर थी। नैना बचपन में ऐसी नहीं थी जैसी वह बड़ी होकर बन गई लेकिन इसमें उसकी भी क्या गलती थी!!मुझे आज भी याद है हम … Read more

रिक्त स्थान (भाग 18) – गरिमा जैन

आज बहुत खुशी का दिन है ।आज रेखा और जीतेंद्र दोनों को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज मिल गया है। रेखा कितने दिनों के बाद आज अपने घर में इत्मीनान की नींद सोएगी लेकिन जितेंद्र को रात में नींद नहीं आ रही ।उसे रेखा से ढेरों बातें करनी है , रेखा को कितना कुछ बताना है ।उसके … Read more

रिक्त स्थान (भाग 17) – गरिमा जैन

रात के 1:00 बज चुके थे। अचानक रूपा को इंस्पेक्टर विक्रम का फोन आता है ।रूपा चौक जाती है!! विक्रम गंभीर आवाज में कहते हैं “रूपा क्या तुम रेखा के मां-बाप को लेकर चौराहे तक आ सकती हो? मैं यही पुलिस की गाड़ी में तुम्हारा इंतजार कर रहा हूं  । “क्या हो गया जीजू! सब … Read more

रिक्त स्थान (भाग 16) – गरिमा जैन

रूपा मैं विक्रम बोल रहा हूं जल्दी करो फॉरेन पुलिस थाने आ जाओ। बहुत जरूरी बात तुम्हें बतानी है ।रूपा 15 मिनट के अंदर इंस्पेक्टर विक्रम के साथ थी। “रूपा देखो एक और मेल आई है , किडनैपर की तरफ से!! हम इसे कई बार देख रहे हैं ,इसमें रेखा कुछ अजीब से शब्द बड़बड़ा … Read more

कैसी मां हो तुम : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : शनिवार के साप्ताहिक बाजार से सरिता अपनी सास की मनमसंद सब्जियां खरीद लाई थी।क्रिसमस की इस बार लंबी छुट्टी पड़ी थी।सासू मां की खुराक बहुत ही कम थी,जीभ पर भी लगाम लगा कर रखतीं थीं वह।रोज़ तो सरिता सुबह बनाकर जाती थी और काम वाली दीदी समय पर गर्म करके … Read more

खानदान – सुषमा यादव : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : तुमने तो हद ही कर दी। इतनी रात को अकेले घर से भागकर बारह कोस चलकर अपनी ससुराल से यहां मायके भाग कर आई हो। अभी भोर है, इससे पहले की गांव वाले तुम्हें देखें,सौ सौ बातें बनाये, तुम फौरन वापस लौट जाओ। गुस्से में कुसुम के भैया उसे डांट … Read more

एक बार फिर (भाग 43 ) – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi

“राजशेखर वेड्स प्रिया” शेखर और प्रिया की शादी के लिए दोनों परिवार जोधपुर में उम्मेद भवन पैलेस पहुंच चुके थे। मेहंदी में प्रिया ने बेहद ख़ूबसूरत आरेंज कलर का लहंगा पहना हुआ था हुस्न और नजाकत जैसे आसमान से प्रिया का रूप लेकर उतर चुकी थी। शेखर ने उसे देखा तो बस देखता ही रह … Read more

अंतर्मन की लक्ष्मी ( भाग – 37) – आरती झा आद्या : Moral Stories in Hindi

“बेटा, विनया को अकेले खाने की आदत नहीं है। वो अकेली नाश्ता तो नहीं करेगी। क्यों ना हम डॉक्टर से मिल कर घर ही आ जाएं।” गाड़ी के आगे बढ़ते ही अंजना पीछे छूटते जा रहे पेड़ पौधों को देखती हुई कहती है। “ओह हो माँ, कितना सोचती हो। भैया ने उसकी भी व्यवस्था कर … Read more

सन्नाटा – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“आज माँ के कमरे में जाने का जरा भी मन नहीं कर रहा था… उसको गए अभी सप्ताह भर ना हुआ था और हम दोनों भाई बहन को एहसास हो रहा था….. माँ का होना और ना होना क्या होता है…आज कमरे में चारों तरफ़ सन्नाटा पसरा हुआ था….ये सन्नाटा भी हमने ही तो चाहा … Read more

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