घर की जिस बेटी पर सभी को गर्व था , भाई भाभी की गरीब स्थिति पर उसी ने उड़ाया उनका मजाक !! : भाग 3

Moral Stories in Hindi : गीतांजली बोली भाभी , आप ही रोक देती भैया को स्कूल में गार्ड बनने से और इतनी ही परिस्थिति खराब हो गई थी तो कोई दूसरी स्कूल में गार्ड बनते , स्कूलों की कमी थोड़ी हैं शहर में !! रक्षा बोली गीतांजली इतना कुछ हो गया मगर फिर भी मैंने … Read more

घर की जिस बेटी पर सभी को गर्व था , भाई भाभी की गरीब स्थिति पर उसी ने उड़ाया उनका मजाक !! : भाग 2

Moral Stories in Hindi : एक रात अचानक भावेश की दुकान में आग लग जाने के कारण भावेश को भारी नुकसान हो गया , बहन की शादी सर पर थी !! दोनों बच्चों के खर्चे , घर परिवार के खर्चे अब कैसे पुरे होंगे सोचकर भावेश का सर चकराने लगा मगर ऐसे समय में रक्षा … Read more

घर की जिस बेटी पर सभी को गर्व था , भाई भाभी की गरीब स्थिति पर उसी ने उड़ाया उनका मजाक !! : भाग 1

Moral Stories in Hindi :  भाभी , प्लीज मेरा स्वेटर पहले बुन लिजिएगा ना , ठंड आनेवाली हैं और मुझे सुबह सुबह कॉलेज जाना होता हैं , बहुत मनुहार से गीतांजली ने अपनी भाभी रक्षा से कहा !!  गीतांजली भलीभांती जानती थी कि रक्षा भाभी सारे काम छोड़कर पहले उसका काम करेंगी , आखिर अपनी … Read more

गांठे अंतर्मन की – प्राची अग्रवाल  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :  जब से रेनू के देवर का रिश्ता तय हुआ था, रेनू के व्यवहार में एकदम परिवर्तन आ गया। देवरानी के लिए हो रही तैयारियों को देखकर उसके मन में जलन उत्पन्न होती। हर वक्त अपने समय की तुलना करती। घर में कलेश तक काटने लगती। उसका पति शाम को थका … Read more

फ़ैसले पर गर्व है… – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : “ ये क्या सुन रही हूँ बहू तू सरस  के साथ नहीं जा रही है… अकेले कैसे दोनों बच्चों को सँभालेंगी…. सरस बता रहा था वो भी सप्ताह या पन्द्रह दिन पर ही आ पाएगा ऐसे में अनजान शहर में अकेली नहीं रह पाएँगी.. अभी भी कह रही हूँ सरस  … Read more

मां की पाती (भाग 2)- डॉ.पारुल अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : रीति इसका गुस्सा भी उन पर निकालती थी। जब रीति मां बनने वाली थी और अपने प्रसव के लिए मायके आई हुई थी। तब भी मां का उसके बेटी होने के बाद का जो चालीस दिन का समय होता है उसके खान पान के लिए वो चाची और बुआ से … Read more

अपनों का एहसान कैसा? ये तो मेरा फर्ज था – सुषमा यादव : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : डाक्टर निधि लंदन के एक नामी अस्पताल में कार्यरत थी। एक साल बाद उसे एक बेहतरीन अस्पताल से ऑफर  आया और वह वहां चली गई। अभी उसे ज्वाइन किये हुए एक महीना भी नहीं हुआ था कि उसकी बहन का फोन आया। रोते हुए उसने बताया कि मम्मी का ऑपरेशन … Read more

कर्ज़ नहीं, फ़र्ज है – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :  ” इसमें बड़ी बात क्या है मामाजी!… मैं तो उनका बेटा हूँ…पाल-पोसकर बड़ा किया तो इसमें अपनों का एहसान कैसा? ये तो उनका फ़र्ज़ था जो उन्होंने किया।” नितिन ने लापरवाही से कहा।   मामाजी बोले,” पर बेटा….।” द्वारिकानाथ जी ने उनके कंधे पर हाथ रखकर धीरे-से थपथपाया जैसे कह रहें … Read more

मैं तुम्हारी खुशी के लिए अपनी मम्मी की खुशियां नहीं छीन सकता : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : सुमित्रा बड़े चाव से अपने बेटे शेखर के साथ अपने नए घर को विभिन्न प्रकार की कलात्मक पेंटिंग से सजा रही थी, क्योंकि कुछ दिन बाद ही शेखर का विवाह था जिसके लिए वह घर को अच्छे-अच्छे रंगों की कलात्मक पेंटिंग से सजा रही थीं ।यह घर सुमित्रा ने वर्षों … Read more

अंतर्मन की लक्ष्मी ( भाग – 41) – आरती झा आद्या : Moral Stories in Hindi

पति को रसोई के दरवाजे पर देख अंजना का ट्रे पकड़े अंजना का हाथ कांप गया था और दिल की धड़कन बेशक बढ़ गई लेकिन चेहरे पर शून्य का भाव पसर गया। जिसे अंजना के पति ने भी महसूस किया। “तुम अपनी चाय भी ले आना।” कातर दृष्टि से अंजना की ओर देखकर उसके पति … Read more

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