संस्कार नहीं दिए क्या •••• (भाग 2)- अमिता कुचया 

अब रौनक को भी गुस्सा आ गया। वह कहने लगा ” क्यों इतनी देर से बकवास किए जा रही हो। तुम्हें फ्लैट भी चाहिए और  देखने  भी चलना नहीं है ,तो बाद में तुम मुझे दोष मत देना। ऐसा नहीं है या वैसा नहीं है।” फिर सासुमा ने कहा -“बेटा थोड़ी देर से हम सब … Read more

संस्कार नहीं दिए क्या •••• (भाग 1)- अमिता कुचया 

आज रौनक  बड़े ही गुस्से में था।जब देखा पल्लवी का व्यवहार बिल्कुल उसकी मां के प्रति उपेक्षित लग रहा है।वह रात में मां के पास नहीं बैठी , न ही उनकी तबीयत के बारे में पूछा। उसे मायके से लौटे हुए बहुत समय हो गया था।इस तरफ पल्लवी को भी अंदाजा नहीं कि रौनक उसे … Read more

उसमें जरा भी संस्कार नहीं है…(भाग 2)-रश्मि प्रकाश  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : मम्मी अकेली ना पड़ जाए ये सोच कर पृथा ने कार्तिक से कह कर अपनी मामी सास को भी अपने घर बुला लिया (जो उसी शहर में पास में ही रहती थी और उन लोगों को अच्छें से जानती भी थी और हमेशा उनका यहाँ आना जाना लगा रहता था)ताकि … Read more

उसमें जरा भी संस्कार नहीं है…(भाग 1)-रश्मि प्रकाश  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : ‘‘पृथा मुझे दो दिनों के लिए कलकता जाना है….ऑफिस की एक मीटिंग अटेंड करने….सोच रहा था तुम लोगों को भी लेता चलूँ…..तुम्हारे बड़े भाई साहब भी बार बार बुलाते रहते हैं तुम लोगों को ….तो चलो इस बार घूम ही लो।” कार्तिक ने कहा ‘‘ सच्ची!! वाह मैं कभी कलकत्ता … Read more

** बिरादरी की जूठन ( भाग 2)  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :    दिलीप के माता-पिता उसे कुछ कहना छोड़ दिये थे क्योंकि वह उन्हें भी अपमानित करने से नहीं चूकता। आये दिन घर में अशांति का माहौल बना रहता था। पूनम इस माहौल को स्वीकार नहीं कर पा रही थी। इस घर में कोई उसकी तकलीफ समझने वाला नहीं था। दिलीप … Read more

** बिरादरी की जूठन ( भाग 1)  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : पंच आपस में विचार- विमर्श करने के उपरांत दिलीप को बीच का मार्ग समझा रहे थे। लेकिन दिलीप अपनी जिद पर अड़ा था कि वह अपनी पत्नी पूनम के साथ  किसी प्रकार का सम्बन्ध न रखते हुए उसे अपने घर में नहीं रखेगा।    पूनम पंचों, ग्रामीणों के साथ ही … Read more

अपनों का अहसान कैसा… ये तो मेरा फर्ज था… – अनिला द्विवेदी तिवारी : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : विराट अपने चाचा के साथ शहर में रहकर पढ़ाई कर रहा था। उसके पिता गाँव में साझी गृहस्थी में खेती वाड़ी का काम सम्हाल रहे थे, इसलिए गाँव में पढ़ाई की असुविधा के चलते विराट अपने चाचा के साथ शहर आ गया। कुछ दिन तो सब कुछ ठीक चलता रहा। … Read more

सास से ससुराल – शिखा श्रीवास्तव : Moral stories in hindi

दोपहर का वक्त था। सरोजनी जी अपने कमरे में आराम कर रही थीं। अचानक कोलाहल की आवाज़ से उनकी नींद टूटी। ध्यान से सुनने पर पता चला कि आवाज़ उनके बेटे-बहू के कमरे से आ रही थी। “ये अचानक इन दोनों को क्या हो गया? अभी खाने की मेज पर तो सब कुछ सही था।” … Read more

अंतर्मन की लक्ष्मी ( भाग – 43) – आरती झा आद्या : Moral Stories in Hindi

“तुम दोनों, सौरभ बेटा तुम” मनीष के साथ बैठक में छोटी बल्ब की हल्की रोशनी में दीपिका और सौरभ को देखकर अंजना आश्चर्यचकित होकर कहती है। “शी.. शी..आंटी जी, आपकी बहू की नींद बहुत पतली सी है। कल उनका जन्मदिन है और अब मेरे पतिदेव और उनके पतिदेव के बीच दोस्ती हो गई है तो … Read more

माँ को पास रखना गर्व की बात है । – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : वसंता रसोई में खाना बना रही थी कि बेल बजी । उसने सोचा बच्चों को स्कूल बस में अभी चढ़ाकर आ रही हूँ विजय ऑफिस के लिए निकल गए हैं तो कौन हो सकता है सोचते हुए दरवाज़ा खोलती है तो सामने जिठानी नमिता जी खड़ी थी जल्दी से उनके … Read more

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