पहचान – श्रुति  त्रिपाठी : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : रितिका  क्या  कर रही हो?  रेखा जी ने अपनी बेटी को आवाज  दी  कुछ नही मम्मी  बस अभी आई उधर से रितिका ने कहा  रेखा जी बडबडाने  लगी जब देखो तब मोबाइल  पर लगी रहती है | अभी तो बस ग्यारवीं  मे है तब यह  हाल है | रेखा जी … Read more

बहु तुम मेरी बेटी की तरह हो – वीणा सिंह : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : खूबसूरत ब्यूटी पार्लर पूरे शहर की महिलाओं के बीच जाना पहचाना नाम है… मानसी इस पार्लर की ओनर आज की कहानी की नायिका है….                               बीस साल की उम्र में मानसी को उसके सास ससुर ने एक शादी में देखने के बाद उसके घर रिश्ता भेजा… मुझे अपने इंजीनियर बेटे के … Read more

आंटी से माँ तक का सफर – संगीता अग्रवाल : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : “देखिये मीना जी हमें यूँ तो सिमरन बहुत पसंद है पर ..!” अपने बेटे के लिए लड़की देखने आई संध्या जी लड़की की माँ से बोली। ” पर क्या संध्या जी ?” मीना जी पति चेतन जी को देखते हुए बोली। ” पर मैं चाहती हूँ बात आगे बढ़ाने से … Read more

छोटी बहु की मां ने उसे कुछ संस्कार नहीं दिए !! (भाग 3)- स्वाति जैन : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : शिप्रा बोली प्रणय भैया आप पुरुष होकर अपनी पत्नी की घर के कामों में मदद कर रहे हैं , किसी को बाहर भनक हुई तो क्या सोचेगा आपके बारे में ?? रीत बोली प्रणय भैया अब इतने भी जोरू के गुलाम मत बनिए कि घर के बाकी पुरुषो को आपको … Read more

मुझे बहु ही रहने दीजिए – हेमलता गुप्ता : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : मम्मी जी.. आप मुझे एक बहु समझ लें, मेरे लिए यही बहुत है, बार-बार आप जो यह कहती हैं की बहू… तू मेरी बेटी की तरह है, क्या सच में मैं आपकी बेटी की तरह हूं। आप भी अच्छी तरह जानती हैं की एक बहू कभी भी बेटी नहीं बन … Read more

वजूद – पुष्पा जोशी : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : आज विद्याधर पाण्डे जी के जीवन की बहुत बड़ी साध पूरी हुई। बहुत ही खुशी का दिन था। उनका बेटा सुबोध आइएएस अफसर बन गया था। उसकी प्रथम पोस्टिंग थी। उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था,लग रहा था जैसे उनके पैरो में फिर से जान आ गई है। उनके सारे … Read more

दिव्या(भाग–3) – आरती झा आद्या : Moral stories in hindi

राघव हड़बड़ा कर गाड़ी सड़क किनारे लगा लेता है। राघव को गाड़ी रोकता देख पीछे से आते हुए आनंद भी गाड़ी किनारे ले लेता है। दिव्या की चीख सुन चंद्रिका जल्दी से आकर दिव्या को अपने आगोश में समेट लेती है। दिव्या चंद्रिका के गले लगी बेहोश हो गई। राघव की गाड़ी में ही चंद्रिका … Read more

शक का परिणाम – विभा गुप्ता  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi :  इतना बड़ा कलंक! उसकी आत्मा चित्कार उठी थी।वह समझ गई कि अब कुछ कहने-सुनने को रहा नहीं।उसने नज़र भर के बेटे को देखा और आँचल से अपने आँसुओं को पोंछती हुई भाई का हाथ पकड़कर चली गई।नन्हा आशु सब देखकर चकित था।माँ उसे छोटा भाई देने वाली थी तो फिर … Read more

शक का परिणाम – विभा गुप्ता  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi :  ” थोड़ी देर और बैठ जाइये, फिर सब साथ में चलते हैं।”     ” अरे नहीं माणिक,संध्या होने को आ गई और फिर तुम तो जानते ही हो कि…।” कहते हुए मिथिलेश बाबू एक ठंडी साँस भरते हुए उठे और अपने घर की तरफ़ जाने लगे।पीछे से उन्हें सुनाई दिया…     ” … Read more

शक की बीज (भाग 2)- कामिनी मिश्रा कनक  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : अदिति – जी मैम यही कारण भी था , परंतु मुझे क्या पता कि मेरे पिता के मन में शक की बीज पनप चुकी थी । विक्रम को मेरे कमरे से निकलते हुए देखकर , मेरे पिता ने मन घरण कहानी अपने अंदर गहन लिए थे । मैम- ओहो….. तुम्हारी … Read more

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