प्रतिक्रिया – शिप्पी नारंग : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : अर्चना जी पलंग पर बैठी बड़े मनोयोग से टीवी पर रामायण देख रहीं थी पति भारत जी अपनी आराम कुर्सी पर बैठे अखबार पढ़ रहे थे ।अर्चना जी पूरी तरह से रामायण में डूबी थी कि अचानक खट की आवाज आई और टीवी बंद हो गया अर्चना जी एकदम चौंक … Read more

मैं कौन हूं – शिव कुमारी शुक्ला  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : कालेज में सांस्कृतिक समारोह का आयोजन था। विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रहीं थीं। सभी छात्र छात्राऐं अपनी योग्यतानुसार उनमें भाग ले रहे थे। बडा ही गहमा गहमी का  माहौल था। तभी अनाउंस हुआ कि कुछ ही समय में बादविवाद प्रतियोगिता शुरु होने वाली है सो सभी सम्भागी … Read more

मैं कौन हूं (भाग 1) – शिव कुमारी शुक्ला  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : कालेज में सांस्कृतिक समारोह का आयोजन था। विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रहीं थीं। सभी छात्र छात्राऐं अपनी योग्यतानुसार उनमें भाग ले रहे थे। बडा ही गहमा गहमी का  माहौल था। तभी अनाउंस हुआ कि कुछ ही समय में बादविवाद प्रतियोगिता शुरु होने वाली है सो सभी सम्भागी … Read more

स्वभाव व पहचान – आरती झा आद्या : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : कभी तो मेकअप कर लिया कर, तेरी उम्र की लड़कियाॅं साज श्रृंगार में ही अच्छी लगती हैं। ऑफिस के लिए तैयार होकर कमरे से निकली रेणुका को देखते ही उसकी मम्मी सारिका कहती है। छोड़ो ना मम्मी, अभी तो मैं अपनी पहचान बनाने के लिए ही संघर्ष कर रही हूॅं। … Read more

रति – शुभ्रा बैनर्जी  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : उर्मि की शादी की दसवीं सालगिरह थी।विवेक ने सरप्राइज पार्टी प्लान की थी।सुबह से उर्मि के कान तरस रहे थे,विवेक के मुंह से हैप्पी एनिवर्सरी सुनने के लिए।ऐसा पिछले नौ सालों में कभी नहीं हुआ कि विवेक अपनी शादी की सालगिरह भूले हों। बच्चों का जन्मदिन, उर्मि का जन्मदिन हमेशा … Read more

बोनस पर सिर्फ सासू मां का हक ( भाग 2) – निशा जैन   : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : मां क्या  आप  जानती हैं कि मैं शादी से पहले नौकरी करती जरूर थी पर सिर्फ अपने टाइम पास और जेब खर्च के लिए पर अब मैं नौकरी करती हूं अपनी पहचान बनाने के लिए और उसके लिए हिम्मत मुझे आपसे मिली है। जब आपने मुझे ये कहकर समझाया कि … Read more

बोनस पर सिर्फ सासू मां का हक ( भाग 1) – निशा जैन   : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : सुनो शिवि मैं ऑफिस के बाहर खड़ा हूं, आ जाओ पांच मिनट में…. अनुज ने फोन करके बोला  हां अनुज आती हूं अभी बस … और शिवि रुपए अपने पर्स में रखती हुई नीचे आ जाती है और अनुज के साथ कार में बैठ जाती है।  अरे वाह मैडम आज … Read more

बहू तुम मेरी बेटी की तरह हो – के कामेश्वरी   : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : सुनीता गहरी नींद में सो रही थी । उसे लगा कि जैसे कोई उसे उसका नाम लेकर पुकार रही है धीरे से उसने अपनी आँखें खोली देखा तो बाप रे यह तो सुबह के छह बज रहे थे।  वह जल्दी से उठकर फ्रेश होकर बाहर आई तो सासु माँ कह … Read more

अपनों पर एहसान कैसा मैंने तो अपना फर्ज निभाया (भाग 2) – रेणुका टिकू  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : वचन तो बृजमोहन ने मां को दे दिया,पर छोटी सी जगह में रहकर आठ सदस्यों का पेट पालना सरल ना था। सरकारी मुलाजिम था ब्रजमोहन और वेतन ₹50।पांच बच्चों की शिक्षा इतनी कम आय में कतई संभव न थी।कुछ निश्चय कर ब्रजमोहन दिल्ली की ओर निकल गया।मां को आश्वासन दिया … Read more

अपनों पर एहसान कैसा मैंने तो अपना फर्ज निभाया (भाग 1) – रेणुका टिकू  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : इंद्रावती ने बृजमोहन को आवाज दी और एक पंक्ति में सोते हुए पांचो बच्चों के ऊपर से रजाई को हटाते हुए पूछा–यह सब कौन है बृज? कोई अंतर दिखता है तुम्हें इनमें? बृज की आंखें नम थी,धीरे से बोला–’मां,अपने ही बच्चे हैं, अंतर कैसा?और अंतर हो भी कैसे सकता है?देखो … Read more

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