दायित्व – मुकेश कुमार झा : Moral stories in hindi
” अरे सुनती हो रमा, कहाँ चली गई” बाहर से आते हुए उमेश जी आवाज देते हुए छोटे से बने आँगन में आते है और सब्जी का थैला रखते है। उमेश जी, जाने कहाँ चली जाती है ये भी और आँगन में रखे मटके में से पानी लेकर पीते है। कुछ देर बाद लकड़ी का … Read more